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अमृतसर के मजीठा थाने पहुंचे विक्रम मजीठिया को पुलिस ने रोका अंदर जाने की नहीं मिली अनुमति वकीलों के साथ हुई बहस आरोपी को जबरन छुड़ाने का मामला

On: June 20, 2026 1:37 PM
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शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री विक्रम सिंह मजीठिया आज अग्रिम जमानत मिलने के बाद जांच में शामिल होने के लिए मजीठा थाने पहुंचे हालांकि जांच के लिए पेश होने के बावजूद उन्हें और उनके वकीलों को पुलिस ने थाने के मुख्य गेट पर ही रोक दिया। जिसके बाद मौके पर विवाद की स्थिति बन गई मौके पर पुलिस प्रशासन की ओर से कई सुरक्षा प्रबंध किए गए थे थाने के आसपास कई स्थानों पर बैरिकेडिंग और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। मजीठिया के पहुंचने से पहले ही पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में तब्दील कर दिया गया था।

विक्रम सिंह मजीठिया के वकीलों ने आरोप लगाया कि पहले पुलिस की ओर से कहा गया था कि मजीठिया अकेले अंदर जा सकते हैं लेकिन जब वह थाने के गेट पर पहुंचे तो उन्हें भी रोक दिया गया उन्होंने कहा कि न केवल मजीठिया को बल्कि उनके वकीलों को भी अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई जिसे वह अदालत के आदेशों का उल्लंघन बता रहे हैं।

मौके पर नहीं था राजनीतिक जमावड़ा

मीडिया से बातचीत करते हुए मजीठिया के कानूनी सलाहकारों ने कहा की वे कानून का सम्मान करते हुए जांच में शामिल होने के लिए पहुंचे हैं मौके पर कोई समर्थन या राजनीतिक जमावड़ा नहीं था केवल वहाँ वकील मौजूद थे।जिन्हें जमानती बांड और अन्य कानूनी औपचारिकताएं पूरी करनी थी इसके बावजूद अधिकारियों की नियुक्ति अदालत के निर्देशों के विपरीत बताई गई वकीलों ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस के कुछ अधिकारियों की नियुक्ति अदालत के निर्देशों के विपरीत है उनका कहना था कि हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के कई आदेशों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने दावा किया की मौके पर तैनात कुछ अधिकारियों को लेकर पहले भी अदालतों की टिप्पणियां सामने आ चुकी हैं। अधिकारियों और वकीलों के बीच तीखी बहस के दौरान पुलिस अधिकारियों और वकीलों के बीच बहस देखने को मिली वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि जांच के दौरान आरोपी व्यक्ति अपने वकील से सलाह मशवरा कर सकता है और वकील को अंदर जाने की अनुमति दी जानी चाहिए। वहीं पुलिस अधिकारियों ने सुरक्षा और प्रक्रियात्मक कर्म का हवाला देते हुए अपना पक्ष रखा यही नहीं सरकार द्वारा विपक्षी नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है मजीठिया पक्ष ने आरोप लगाया कि पूरा मामला राजनीतिक रूप से प्रेरित है और सरकार द्वारा विपक्षी नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है उन्होंने कहा कि वह कानूनी लड़ाई जारी रखेंगे और अदालत के हर आदेश का पालन करेंगे।

वहीं पुलिस की ओर से इस पूरे मामले पर अभी तक कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। इस घटनाक्रम के बाद मजीठा और पंजाब की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है और आने वाले दिनों में इस मामले को लेकर कानूनी तथा राजनीतिक गतिविधिया और बढ़ सकती हैं।

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