बिहार से लगने वाली भारत-नेपाल की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर चौकसी बढ़ाने के साथ आसूचना तंत्र (इंटेलिजेंस) को और समृद्ध किया जाएगा। आईजी बॉर्डर इसकी कमान संभालेंगे। राज्य सरकार ने आईजी बॉर्डर के पद का सृजन किया है। इसकी राज्य कैबिनेट से भी स्वीकृति मिल चुकी है। मिली जानकारी के मुताबिक, बिहार में करीब 729 किलोमीटर लंबी भारत-नेपाल सीमा है, जो पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया और किशनगंज सहित 7 जिलों से होकर गुजरती है। यह विशुद्ध रूप से खुली सीमा है। साथ ही, 4 जिले ऐसे हैं जो बंगाल, झारखंड एवं उत्तर प्रदेश राज्य की सीमा से भी जुड़े हैं। नेपाल की खुली सीमा से घुसपैठ की आशंका बनी रहती है। इसके अलावा अवैध व्यापार, मानव तस्करी, नशीले पदार्थों, नकली मुद्रा, सोने और विदेशी सामानों की तस्करी की भी शिकायतें मिलती रहती हैं। बिहार और नेपाल के बीच बड़ी संख्या में रोज लोगों का आवागमनन होता है, जिससे सुरक्षा एवं पहचान की चुनौती भी बनी रहती है। इन सब को देखते हुए सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा को और सुदृढ़ करने के लिए बॉर्डर आईजी का पद सृजित किया गया है। आईजी बॉर्डर विशेष शाखा के अंतर्गत काम करेंगे। वर्तमान में बॉर्डर सुरक्षा की जिम्मेदारी डीआईजी रैंक के अधिकारी के पास है। यह पद भी हाल ही में सृजित किया गया था। दूसरी ओर, नेपाल की नई सरकार के नए निर्देश ने सीमावर्ती इलाकों में फिर हलचल बढ़ा दी है।अब बिना वैध पहचान पत्र के किसी भी भारतीय नागरिक को नेपाल में प्रवेश नहीं मिलेगा। सीमा पर सुरक्षा एजेंसियों को सख्त जांच के निर्देश दिए गए हैं। जिसके बाद रोजाना आवाजाही करने वाले व्यापारियों, मजदूरों और पर्यटकों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि, भारत-नेपाल सीमा पर आने-जाने वाले लोगों के लिए अब पहचान पत्र साथ रखना अनिवार्य कर दिया गया है। नेपाल सरकार के नए निर्देश के बाद नेपाल में प्रवेश करने वाले भारतीय नागरिकों को अब वैध पहचान पत्र दिखाना होगा। वहीं, नेपाल से भारत आने वाले नागरिकों के लिए भी परिचय पत्र अनिवार्य कर दिया गया है। रक्सौल स्थित गेटवे ऑफ नेपाल यानी नेपाली सीमा पर तैनात नेपाल पुलिस के जवानों का कहना है कि नेपाल सरकार की ओर से सख्त निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। कुछ बॉर्डर पर भारतीय नागरिकों की पहचान की जांच की जा रही है। बताया जा रहा है कि इससे पूर्व कोरोना काल के दौरान भी भातीय-नेपाल सीमा पार करने के लिए पहचान पत्र दिखाना अनिवार्य किया गया था। हालांकि, वाल्मीकिनगर से सटे नेपाली चेक पोस्ट पर फिलहाल यह नियम पूरी तरह लागू नहीं हुआ है। फिलहाल दोपहिया व चारपहिया वाहनों की एंट्री के बाद सामान्य आवाजाही जारी है। लेकिन, आने वाले दिनों में जांच और सख्त होने की संभावना जताई जा रही है।
नेपाल सीमा पर चौकसी और इंटेलिजेंस बढ़ेगी, बिहार में आईजी बार्डर संभालेंगे कमान, नेपाल में बिना आईडी कार्ड नहीं मिलेगा प्रवेश










