मनोरंजन नौकरी टेक्नोलॉजी योजना ऑटोमोबाइल व्यापार खेल राजनीति बैंकिंग जीवनशैली

शकुन्तला विवि के छात्रों को मिलेगा उद्योग आधारित प्रशिक्षण.

हमें फॉलो करें:
--विज्ञापन यहां--
  • एफडीडीआई-पुनर्वास विवि के बीच समझौता

लखनऊ : डॉ. शकुन्तला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय (डीएसएमएनआरयू) के विद्यार्थियों के लिए अब रोजगार, शोध और नवाचार के नए अवसर खुलेंगे। विश्वविद्यालय और फुटवियर डिजाइन एंड डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट (एफडीडीआई) फुरसतगंज के बीच हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) के तहत छात्रों को उद्योग से जुड़ी शिक्षा, शोध परियोजनाओं और आधुनिक तकनीकों पर कार्य करने का अवसर मिलेगा। दोनों संस्थान मिलकर ऑर्थोटिक्स, प्रोस्थेटिक्स, फुटवियर, फैशन और रिटेल के क्षेत्र में शैक्षणिक गतिविधियां तथा संयुक्त अनुसंधान परियोजनाएं संचालित करेंगे।


एमओयू पर एफडीडीआई के कार्यकारी निदेशक सुनील कुमार द्विवेदी और विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य संजय सिंह ने हस्ताक्षर किए। इस सहयोग के माध्यम से विद्यार्थियों को विशेषज्ञ संकायों के मार्गदर्शन में रिसर्च, प्रोडक्ट डेवलपमेंट, कार्यशालाओं, सेमिनारों और प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भागीदारी का अवसर मिलेगा।


पुनर्वास विवि के कुलपति आचार्य संजय सिंह ने बताया कि समझौते के तहत दोनों संस्थानों के बीच फैकल्टी एवं छात्र आदान-प्रदान कार्यक्रम चलाए जाएंगे। विद्यार्थियों को फुटवियर प्रौद्योगिकी, फैशन टेक्नोलॉजी, रिटेल प्रबंधन, प्रोस्थेटिक्स एवं ऑर्थोटिक्स जैसे क्षेत्रों की नवीनतम तकनीकों से परिचित कराया जाएगा।


पुनर्वास विवि के कुलपति आचार्य संजय सिंह ने बताया कि दोनों संस्थान दिव्यांगजनों की गतिशीलता संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए नए उत्पाद, मटेरियल, डिजाइन और तकनीक विकसित करेंगे। इससे न केवल दिव्यांगजनों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि विद्यार्थियों को समाजोपयोगी अनुसंधान का व्यावहारिक अनुभव भी प्राप्त होगा।

एफडीडीआई के कार्यकारी निदेशक सुनील कुमार द्विवेदी ने कहा कि डीएसएमएनआरयू की चिकित्सकीय विशेषज्ञता और एफडीडीआई की डिजाइन एवं निर्माण क्षमता के समन्वय से विशेषीकृत फुटवियर, परिधान और सहायक उत्पाद विकसित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि भविष्य में केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा वित्तपोषित अनुसंधान परियोजनाओं पर भी संयुक्त रूप से कार्य करने की योजना है।
समझौते की अवधि पांच वर्ष होगी और इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए दोनों संस्थानों की ओर से नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे। एमओयू साझा करने के दौरान राजीव गांधी पेट्रोलियम प्रोधोगौकी संस्थान जायस के कुलसचिव राजन श्रीवास्तव, उप कुलसचिव समीर रंजन सिंह, राजीव गांधी राष्ट्रीय विमानन विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. एस. एल. हरिकुमार समेत पुनर्वास विवि और एफडीडीआई के कई वरिष्ठ अधिकारी और संकाय उपस्थित रहे।

व्हाट्सएप से जुड़ें

अभी जुड़ें

टेलीग्राम से जुड़ें

अभी जुड़ें

इंस्टाग्राम से जुड़ें

अभी जुड़ें

Leave a Comment