पंजाब (नितिन): पंजाब को पूरी तरह नशा मुक्त बनाने के संकल्प के साथ चलाई जा रही मुहिम ‘युद्ध नशियां विरुद्ध’ के अंतर्गत लुधियाना कमिश्नरेट पुलिस द्वारा एक सराहनीय सामाजिक पहल की गई। पुलिस के ‘सांझ केंद्र’ विंग के माध्यम से स्कूली छात्र-छात्राओं को नशे की लत के खिलाफ जागरूक करने और खेल गतिविधियों से जोड़ने के उद्देश्य से एक विशाल ‘एंटी-ड्रग अवेयरनेस प्रोग्राम’ का भव्य आयोजन किया गया। इस विशेष समागम में महानगर के 12 प्रतिष्ठित स्कूलों के लगभग 480 विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह और अनुशासन के साथ भाग लिया।
भाषण, कोरियोग्राफी और शपथ ग्रहण से दिया नशा मुक्ति का संदेश
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित पुलिस अधिकारियों और विषय विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को नशे के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जागरूक किया। समारोह में विद्यार्थियों द्वारा नशा विरोधी थीम पर एक भावुक और प्रेरणादायक कोरियोग्राफी (जागरूकता नाटक/नृत्य) प्रस्तुत की गई, जिसने उपस्थित सभी लोगों को गहराई से प्रभावित किया। इसके साथ ही छात्रों को जीवन में कभी भी किसी भी प्रकार के नशे का सेवन न करने और समाज में इसके खिलाफ आवाज उठाने के लिए सामूहिक रूप से ‘एंटी-ड्रग शपथ’ भी दिलाई गई।
खेल गतिविधियों का रहा विशेष आकर्षण: रस्साकशी और 100 मीटर दौड़ में दिखाया दम
युवाओं को ऊर्जावान और स्वस्थ जीवनशैली की ओर प्रेरित करने के उद्देश्य से अवेयरनेस प्रोग्राम के साथ-साथ विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया:
1. स्पून रेस (चम्मच दौड़): संतुलन और एकाग्रता पर आधारित इस दौड़ में विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
2. 100 मीटर दौड़: युवाओं के भीतर खेल भावना और फिटनेस को निखारने के लिए रोमांचक 100 मीटर स्प्रिंट करवाई गई।
3. रस्साकशी (Tug of War): टीम वर्क और शारीरिक सामर्थ्य को दर्शाने वाले रस्साकशी के मुकाबलों ने दर्शकों व साथी छात्रों में भारी उत्साह भरा।
4. विजेता और प्रतिभागी छात्रों को पुलिस अधिकारियों द्वारा मेडल व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
‘ड्रग-फ्री पंजाब’ के एंबेसडर बनें युवा: पुलिस-सांझ पहल का लक्ष्य
कमिश्नरेट पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि पुलिस-सांझ पहल का मुख्य ध्येय कम उम्र में ही बच्चों के कोमल मनों को नशे के घातक प्रभावों के प्रति सजग करना है, ताकि वे बहकावे में न आएं। अधिकारियों ने कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद और फिटनेस को अपनाकर युवा न केवल खुद को स्वस्थ रख सकते हैं, बल्कि अपने स्कूल, परिवार और मोहल्ले में ‘नशा मुक्त समाज’ के ब्रांड एंबेसडर बनकर दूसरों को भी सही राह दिखा सकते हैं। पुलिस ने नागरिकों से अपील की कि वे पंजाब को नशा मुक्त बनाने के लिए पुलिस प्रशासन और सांझ केंद्रों का पूरा सहयोग करें।






