अमृतसर (नितिन) : जिला सेहत अधिकारी डा. मनजीत सिंह रटौल के साथ 2 अलग-अलग टीमों का गठन किया गया। इनमें फूड सेफटी एक्ट अधिकारी सिमरनजीत सिंह व सतनाम सिंह शामिल थे। विभाग की टीम ने शुक्रवार को मिठाई बनाने वाली एक इकाई के साथ-साथ एक मिठाई की दुकान और ढाबे का निरीक्षण किया। इस दौरान मिठाइयों और खाद्य पदार्थों के कुल 6 सैंपल भर कर जांच के लिए भेजे।
जिला सेहत अधिकारी डा. रटौल के साथ सिमरनजीत सिंह ने बटाला रोड स्थित एक मिठाइयों की वर्कशाप में छापामारी की। जिस दौरान वर्कशाप में काफी कमियां पाई गईं और साफ-सफाई का भी उचित प्रबंध नहीं था। चैकिंग दौरान वर्कशाप से 150 किलो मिठाइयों का मिश्रण, 50 किलो छन्ना मिठाई व 200 किलो रंगदार चमचम खराब हालात में पड़ी मिली जिसमें से बदबू भी आ रही थी। वर्कशाप की लेबर के साथ मिलकर इन सभी 400 किलो मिठाइयों को मौके पर ही नष्ट करवा दिया गया।
लाईसेंस न दिखाने पर काटा चालान
डा. मनजीत सिंह रटौल ने बताया कि उक्त वर्कशाप के पास फूड सेफ्टी एक्ट का लाईसेंस भी नहीं था तथा कारीगरों की हालत भी अच्छी नहीं थी। न ही कारीगरों की डाक्टरी जांच हुई थी। जिस पर वर्कशाप के मालिक का फूड सेफ्टी एक्ट का लाईसेंस न होने पर चालान काटा गया।
मिठाई निर्माता इकाई से 4 सैंपल लिए
जिला सेहत अधिकारी डॉ. मनजीत सिंह रटौल के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा अधिकारी सिमरनजीत सिंह गिल (अमृतसर-2) की टीम ने इस दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच के लिए छन्ना, रसगुल्ला, गुलाब जामुन और गुलाबी चमचम के 4 सैंपल भी लिए। इन सैंपलों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत जांच के लिए खरड़ लैबोरेटरी भेजा गया है ताकि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और निर्धारित मानकों के अनुपालन का पता लगाया जा सके।
मिठाई की दुकान और ढाबे से भी लिए नमूने
इसी तरह दूसरी टीम में शामिल जिला सेहत अधिकारी डॉ. मनजीत सिंह रटौल के साथ फूड सेफटी एक्ट अधिकारी सतनाम सिंह की टीम ने बटाला रोड स्थित एक मिठाई की दुकान और ढाबे का भी निरीक्षण किया। इस दौरान वहां से मिल्क केक और ग्रीन सॉस के 2 सैंपल जांच के लिए भरे। सिविल सर्जन डा. भारती धवन ने फूड आप्रेटरों को दुकान में साफ-सफाई बनाए रखने और स्वच्छता संबंधी नियमों का पालन करने के निर्देश दिए। विभाग की ओर से स्पष्ट किया गया कि खाद्य पदार्थ तैयार करने, रखने और बेचने वाले कारोबारियों को निर्धारित फूड सेफ्टी के नियमों का पालन करना चाहिए।








