राष्ट्रीय (नितिन): भाई-बहन के अटूट प्रेम, स्नेह और विश्वास का महापर्व रक्षाबंधन शुक्रवार को पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। इस वर्ष बहनों के लिए एक बड़ी राहत की बात यह है कि राखी बांधने पर भद्रा का कोई अशुभ साया नहीं रहेगा। हालांकि, ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, इस बार बहनों को अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधने के लिए बहुत ही सीमित समय मिलेगा।
इसलिए सीमित है राखी बांधने का समय
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार राखी बांधने का शुभ मुहूर्त सीधे श्रावण पूर्णिमा की तिथि पर निर्भर करता है। इस बार श्रावण पूर्णिमा 27 अगस्त को सुबह 9.09 बजे शुरू होगी और 28 अगस्त को सुबह 9.49 बजे समाप्त हो जाएगी। उदया तिथि के कारण 28 अगस्त को ही रक्षाबंधन मनाया जाएगा, लेकिन पूर्णिमा सुबह 9.49 बजे समाप्त होने के कारण राखी बांधने का मुख्य मुहूर्त सुबह तक ही सीमित रहेगा। भद्राकाल 27 अगस्त को ही समाप्त हो जाएगा, इसलिए 28 अगस्त का दिन भद्रा-मुक्त और पूरी तरह शुभ रहेगा।
क्या है राखी बांधने का सबसे सटीक मुहूर्त?
मंदिर के पुजारी वासुदेव के अनुसार शुक्रवार (28 अगस्त) को बहनों को राखी बांधने के लिए कुल 3 घंटे 51 मिनट का समय मिलेगा। उन्होंने सुबह के विशेष मुहूर्तों की जानकारी दी है।
राखी बांधने का कुल शुभ समय: सुबह 5.57 बजे से 9.48 बजे तक।
लाभ मुहूर्त (अत्यंत शुभ): सुबह 7.33 बजे से 9.10 बजे तक।
अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त (सबसे श्रेष्ठ): सुबह 9.10 बजे से 9.48 बजे तक।
सुबह चूक गए तो दोपहर में भी है एक विकल्प
यदि किसी कारणवश बहनें सुबह 9:48 बजे तक राखी नहीं बांध पाती हैं, तो उनके लिए दोपहर में भी एक शुभ मुहूर्त बन रहा है। शिमला के राधा-कृष्ण मंदिर के पुजारी पंडित उमेश नौटियाल के अनुसार दोपहर के समय 12.23 बजे से लेकर 2.00 बजे तक भी राखी बांधने का एक और शुभ मुहूर्त रहेगा।







