मेडिकल एजेंसी के संचालक पर नकली एंटीबायोटिक और इंजेक्शन बेचने का आरोप
रायबरेली : खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने जिले में नकली एवं कूटरचित दवाओं के भंडारण और बिक्री के मामले का खुलासा किया है। बछरावां स्थित मिश्रा मेडिकल एजेंसी के संचालक आमोद कुमार मिश्रा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। औषधि निरीक्षक की जांच रिपोर्ट में एजेंसी से बरामद दवाओं के संबंध में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तर प्रदेश के निर्देश पर गठित टीम ने 24 जुलाई और 5 अगस्त को बछरावां स्थित मिश्रा मेडिकल एजेंसी का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान फर्म के संचालक आमोद कुमार मिश्रा की मौजूदगी में दवाओं की जांच और रिकॉर्ड का सत्यापन किया गया। जांच में क्रय-विक्रय से संबंधित दस्तावेजों में भी अनियमितताएं पाई गईं।
जांच के दौरान Augmentin Duo 625, बैच संख्या 825D091, की बड़ी मात्रा में खरीद का मामला सामने आया। दस्तावेजों के मुताबिक मिश्रा मेडिकल एजेंसी ने लखनऊ की मिश्रा एसोसिएट्स से इस दवा के 3200 पत्ते खरीदे थे। जांच में पाया गया कि उक्त दवा की खरीद का रिकॉर्ड अलग-अलग बिलों के माध्यम से दर्ज किया गया था।
औषधि निरीक्षक के मुताबिक कंपनी के निर्धारित मूल्य और खरीद दर को लेकर भी गंभीर विसंगति सामने आई। रिपोर्ट में बताया गया है कि कंपनी के अनुसार इसकी लागत करीब ₹116.70 प्रति यूनिट थी, जबकि संबंधित फर्म द्वारा इसे ₹56.60 की दर से खरीदना संभव नहीं था। इसके अलावा फर्म के लिखित पत्र में भी इस प्रकार की किसी बिक्री से इनकार किया गया है।

5 अगस्त को टीम ने मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में एजेंसी के स्टोर की जांच की। इस दौरान Kenacort Inj., बैच संख्या NCL0243, के पैक पर कंपनी के मूल पैक से अलग प्रिंटिंग संबंधी गड़बड़ी मिली। रिपोर्ट के अनुसार पैक पर ‘above’ की जगह ‘abowe’ मुद्रित पाया गया, जिसे जांच टीम ने संदिग्ध माना।मौके से संबंधित दवा का नमूना लेकर जांच के लिए भेजा गया। रिपोर्ट के अनुसार नमूना मानक के अनुसार नहीं था।
निरीक्षण के दौरान टीम ने स्टोर में रखी अन्य एलोपैथिक दवाओं के भी आठ संदिग्ध नमूने जांच के लिए लिए। कार्रवाई के दौरान दुकान के विद्युत उपकरण बंद कर उसे सील कर दिया गया तथा चाबी संबंधित व्यक्ति को सुपुर्द की गई।
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि प्रकरण से संबंधित कार्रवाई के तहत 29 जुलाई को थाना अमीनाबाद, लखनऊ में मिश्रा मेडिकल एजेंसी एवं मिश्रा एसोसिएट के विरुद्ध BNS की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया जा चुका है।
जांच में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर औषधि निरीक्षक माधुरी सिंह ने मिश्रा मेडिकल एजेंसी के संचालक आमोद कुमार मिश्रा के खिलाफ कूटरचित एवं फर्जी बिलों के माध्यम से नकली दवाओं के भंडारण, क्रय और बिक्री किए जाने पर एफआईआर दर्ज कराई है।











