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पंजाब बंद के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारीयों मे हुई गरमागरमी, हिरासत मे लिए गए कई सिख नेता

On: August 21, 2026 11:54 AM
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अमृतसर (नितिन): सिख कैदियों की रिहाई और भाई जगतार सिंह हवारा के 10 दिन के पैरोल के लिए कौमी इंसाफ मोर्चा के पंजाब बंद के आह्वान का असर अमृतसर में भी देखने को मिला। सिख संगठनों ने अमृतसर के गोल्डन गेट के बाहर प्रदर्शन किया और सड़क जाम कर दी, जिससे आवाजाही पर असर पड़ा।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पंजाब बंद का मतलब है पूरी तरह से बंद और इस दौरान किसी भी तरह का ट्रैफिक नहीं चलने दिया जाएगा। हालांकि, कहा गया कि एंबुलेंस को जाने दिया जाएगा। इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से रास्ता खोलने को कहा। रास्ता खोलने को लेकर पुलिस और सिख संगठनों के नेताओं के बीच काफी गरमागरमी और बहस हुई। पुलिस ने कहा कि यह सचखंड श्री दरबार साहिब जाने वाला मेन रास्ता है और इसे जबरदस्ती पूरी तरह से बंद नहीं किया जा सकता। 

इस बीच, रिपोर्टर्स से बात करते हुए भूपिंदर सिंह ने कहा कि कौमी इंसाफ मोर्चा ने जेल में बंद सिखों की रिहाई और भाई जगतार सिंह हवारा की 10 दिन की पैरोल की मांग को लेकर पंजाब बंद का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि बंद के दौरान सिर्फ एंबुलेंस ही चल सकेंगी और बाकी ट्रैफिक बंद रहेगा।

पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच करीब 20 मिनट तक बहस के बाद पुलिस ने सिख संगठनों के कुछ नेताओं को हिरासत में ले लिया। हिरासत में लिए जाने के बाद सिख नेता भाई रणजीत सिंह और भूपिंदर सिंह ने पुलिस पर धमकाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वे बंद के आह्वान को शांति से लागू कर रहे थे और दोपहर 2 बजे तक ट्रैफिक बंद रखने की बात कही थी।

दूसरी ओर डी.एस.पी. रविंदर पाल सिंह ने कहा कि कुछ प्रदर्शनकारियों द्वारा सड़क जाम कर आवाजाही प्रभावित की जा रही थी और एंबुलेंसों का रास्ता भी रोका जा रहा था। इस वजह से कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है। उन्होंने कहा कि मामले में पुलिस की तरफ से बनती कार्रवाई की जाएगी।

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