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अमृतसर में कौमी इंसाफ मोर्चा के बंद को मिला समर्थन, बाजार और बस सेवा रही प्रभावित

On: August 21, 2026 10:33 AM
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अमृतसर (नितिन): कौमी इंसाफ मोर्चे ने सिख कैदियों की रिहाई की मांग को लेकर शुक्रवार को पंजाब बंद का आह्वान किया है। बंद का समय सुबह 7 बजे से दोपहर 2 बजे तक रखा गया है। बंद का असर अमृतसर में भी देखा गया, जहां कई बाजारों और कमर्शियल जगहों के साथ-साथ बस सेवाओं पर भी असर पड़ा। इस वजह से जरूरी काम से घरों से निकले लोगों और यात्रियों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। बंद का असर अमृतसर बस स्टैंड पर भी साफ तौर पर दिखा। जानकारी के मुताबिक, कुछ लंबी दूरी के रूटों पर चलने वाली बसें सुबह ही बस स्टैंड से निकल गई थीं, लेकिन बाद में यात्रियों की संख्या बहुत कम थी। आम दिनों के मुकाबले बस स्टैंड पर चहल-पहल भी बहुत कम थी। 

कौमी इंसाफ मोर्चे के बंद को शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी, शिरोमणि अकाली दल अमृतसर, अकाली दल वारिस पंजाब और दूसरे सिख संगठनों ने सपोर्ट किया है। अलग-अलग किसान और सिख संगठनों ने भी लोगों से बंद को सपोर्ट करने की अपील की है। इस मौके पर अकाली दल वारिस पंजाब के अमृतसर मीडिया इंचार्ज और स्पोक्सपर्सन शमशेर सिंह पंधेर ने कहा कि जेल में बंद सिखों की रिहाई की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है। उन्होंने कहा कि कई ऐसे जेल में बंद सिख हैं जिन्होंने अपनी तय सजा पूरी कर ली है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें रिहा नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नेशनल इंसाफ मोर्चा इस मांग के लिए लगातार संघर्ष कर रहा है।

शमशेर सिंह पंधेर ने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार 15 अगस्त को आजादी दिवस के मौके पर जेल में बंद सिखों की रिहाई की मांग को लेकर प्रोटेस्ट कर रहे लोगों पर सख्ती की गई। उन्होंने दावा किया कि प्रोटेस्ट करने वालों पर लाठीचार्ज, आंसू गैस और दूसरी कार्रवाई की गई। उनके मुताबिक, इसी कार्रवाई के विरोध में 21 अगस्त को पंजाब बंद बुलाया गया है। 

उन्होंने कहा कि अकाली दल वारिस पंजाब इस बंद का पूरा समर्थन करता है और लोगों से अपील करता है कि वे शांति से इसमें शामिल हों। उन्होंने दुकानदारों, व्यापारियों और दूसरी संस्थाओं से अपील की कि वे अपने दुकानें बंद रखें और जेल में बंद सिंहों की रिहाई की मांग के सपोर्ट में अपनी आवाज उठाएं। वहीं, अमृतसर बस स्टैंड पहुंचे एक बस ड्राइवर ने कहा कि वह सुबह कपूरथला से बस लेकर अमृतसर पहुंचा था। रास्ते में उसे करीब पांच पैसेंजर ही मिले और अमृतसर पहुंचने के बाद भी बस स्टैंड पर पैसेंजर बहुत कम थे। उसने कहा कि बंद का असर बस सर्विस पर भी पड़ा है।

बस स्टैंड पहुंचे यात्रियों ने कहा कि वे जरूरी काम से बाहर जा रहे थे, लेकिन यहां पहुंचने पर उन्हें पंजाब बंद के बारे में जानकारी मिली। यात्रियों ने कहा कि बंद के कारण बसें न मिलने से उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है और वे अपने जरूरी काम को लेकर कंफ्यूजन की स्थिति में हैं।

कौमी इंसाफ मोर्चा ने दोपहर 2 बजे तक पंजाब बंद का आह्वान किया है। इस दौरान अमृतसर समेत पंजाब के अलग-अलग हिस्सों में कैद सिखों की रिहाई की मांग को लेकर गतिविधियां देखी जा रही हैं। संगठनों ने लोगों से बंद के दौरान शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की हिंसक गतिविधि से दूर रहने की अपील की है।

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