मनोरंजन नौकरी टेक्नोलॉजी योजना ऑटोमोबाइल व्यापार खेल राजनीति शिक्षा बैंकिंग जीवनशैली अपराध

बांकीपुर उपचुनाव जीतने पर प्रशांत किशोर की तारीफ करने वाले फिल्म अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा लालू-राबड़ी से मिले, कहा-राजद सुप्रीमो लालू यादव देश के बड़े जननेता

On: August 15, 2026 5:48 PM
हमें फॉलो करें:
ad copy

बिहार (अफजल इमाम ’’मुन्ना’’)। देश-दुनिया में ’बिहारी बाबू’ के नाम से मशहूर फिल्म अभिनेता से नेता बने तृणमूल कांग्रेस यानी टीएमसी के सांसद शत्रुघ्न सिन्हा अचानक राष्ट्रीय जनता दल यानी राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के राजधानी पटना स्थित निजी आवास पर उनसे मिलने पहुंचे। जहां लालू-राबड़ी से शॉटगन की मुलाकात हुई। करीब आधे घंटे तक बातचीत का दौर चला और लालू आवास से बाहर निकले तो शत्रुधन सिन्हा ने इस मुलाकात को पूरी तरह व्यक्तिगत बताया और लालू यादव की जमकर तारीफ की। इसके बाद से बिहार की सियासत में कयासों का सिलसिला शुरू हो गया है। राजद सुप्रीमो लालू यादव और टीएमसी के सांसद शत्रुघ्न सिन्हा के बीच ऐसी क्या बात हुई, इसे लेकर सियासी गलियारों में चर्चा तेज हो गई है।

हालांकि, इस मुलाकात के बाद शत्रुघ्न सिन्हा ने साफ कहा कि लालू यादव से उनकी दोस्ती बहुत पुरानी है। लालू जी उनके सिर्फ राजनीतिक परिचित नहीं, बल्कि पारिवारिक दोस्त हैं। शत्रुघ्न सिन्हा ने लालू यादव को देश का बड़ा और कद्दावर नेता बताते हुए कहा कि लोग उन्हें गरीबों का मसीहा मानते हैं। मैं जब भी राजधानी पटना आता हूं, उनसे मुलाकात करता हूं। शनिवार यानी 8 अगस्त को भी दोनों के बीच काफी देर तक बातचीत हुई। इस मुलाकात के दौरान शत्रुघ्न सिन्हा ने लालू यादव व उनकी पत्नी पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी की सेहत और लम्बी उम्र की कामना भी की। कहा यह जा रहा है कि मुलाकात ऐसे वक्त हुई है, जब बिहार की राजनीति में शत्रुघ्न सिन्हा की भूमिका को लेकर पहले भी चर्चा हो चुकी है। हाल ही में संपन्न हुए राजधानी पटना की चर्चित बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के दौरान उन्होंने देश के चर्चित चुनावी रणीतिकार रह चुके जन सुराज पार्टी यानी जसुपा के संस्थापक व बांकीपुर के प्रत्याशी प्रशांत किशोर यानी पीके को अपना समर्थन दिया था। साथ ही, पीके की जीत पर जमकर तारीफ भी की थी। जिसकी चार्च आज भी खूब हो रही है।

राजधानी पटना में कभी पटना साहिब लोकसभा क्षेत्र से भाजपा सांसद रह चुके मशहूर फिल्म अभिनेता से राजनेता बने पूर्व केंद्रीय मंत्री व वर्तमान में पश्चिम बंगाल के आसनसोल से तृणमूल कांग्रेस के सांसद शत्रुघ्न सिन्हा अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म ’एक्स पर एक पोस्ट शेयर कर उन्होंने लिखा था, ’एक बिहारी बाबू होने के नाते, मैं यह स्वीकार करता हूं कि आम जनता और बिहार में हमारे लोग पटना के बांकीपुर में आपकी शानदार जीत से बेहद खुश हैं। आपके कारण बांकीपुर आज पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया है। आपकी इस योग्य जीत ने लोगों, विशेषकर युवा पीढ़ी में उत्साह का संचार कर दिया है। अब आप न केवल हीरो हैं। बल्कि, बिहार का भविष्य भी हैं। मेरी आशा, कामना और प्रार्थना है कि आप जनता से किए गए अपने वादों और अपेक्षाओं पर खरे उतरेंगे।’

दूसरी ओर फिल्म अभिनेता से नेता बने सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने इस मुलाकात को किसी राजनीतिक समीकरण से जोड़ने से साफ इनकार कर दिया। जानकारी के अनुसार, इस मुलाकात के दौरान लालू पुत्र नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव और दल व परिवार से बेदखल हो चुके पूर्व मंत्री तेजप्रताप यादव दोनों मौजूद नहीं थे। तेजस्वी यादव राजनीतिक कार्य से रोहतास गए थे। जबकि, कहने के लिए परिवार से अलग हैं, लेकिन हर मौके पर लालू परिवार के बीच अपनी मौजूदगी दिखा चुके नवोदित दल जेजेडी सुप्रीमो तेजप्रताप यादव भी राजधानी पटना से बाहर बताए गए हैं।

वैसे, ’मिशन-2027’ यानी उत्तर प्रदेश विधानसभा आम चुनाव को लेकर विपक्षी दलों ने अभी से ही गोलबंदी शुरू कर दी है। बंगाल चुनाव हारने के बाद टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी और सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव की भी एक बार मुलाकात हो चुकी है। टीएमसी सांसद शत्रुघ्न सिन्हा की राजद सुप्रीमो लालू यादव की मुलाकात को भी इसी नजरिए से देखा जा रहा है। विपक्षी दलों के नेताओं का मानना है कि ’मिशन-2027’ में उत्तर प्रदेश विधानसभा आम चुनाव में एनडीए समर्थित भाजपा को पटखनी देने के बाद ’मिशन-2029’ यानी 19वीं लोकसभा आम चुनाव में मुख्य विपक्षी इंडिया गठबंधन को सफलता मिल सकती है। क्योंकि, 18वीं लोकसभा आम चुनाव में विपक्षी गोलबंदी के कारण ही 400 पार का नारा देने वाली भाजपा को 240 पर ही संतोष करना पड़ा। अगर लालू-ममता और सिंगापुर वाली लालू पुत्री रोहिणी आचार्य जद(यू.) के राष्ट्रीय अध्यक्ष व बिहार के तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को नाराज नहीं करते तो 2024 में ही देश की सत्ता से भाजपा का सफाया हो जाता। क्योंकि, सुशसन बाबू व विकास पुरूष के नाम से मशहूर नीतीश कुमार को लोगों ने नेता मान लिया है। तभी तो 2025 के 18वीं बिहार विधानसभा आम चुनाव में तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नाम पर ही एनडीए गठबंधन को जमकर वोट किया। 202 सीटों पर एनडीए ने जीत दर्ज की। जबकि, विपक्षी महागठबंधन र्सिफ 40 सीटों पर ही सिमट कर रह गई। लेकिन, बिहार में नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री से हटते ही बांकीपुर उपचुनाव में सभी वोटरों ने गोलबंद होकर भाजपा को सबक सिखा दिया है। लोगों के बीच ऐसी चर्चा है।

व्हाट्सएप से जुड़ें

अभी जुड़ें

टेलीग्राम से जुड़ें

अभी जुड़ें

इंस्टाग्राम से जुड़ें

अभी जुड़ें

यह भी पढ़ें

नीट-यूजी धांधली के मास्टरमाइंड डॉ.उज्ज्वल और डॉ.रविशंकर गिरफ्तार, 30 लाख का खेल, छापे में मिले चौंकाने वाले सबूत 

पुलिस को देखते ही ट्रक ने लिया यू-टर्न, फिर खुला 134 किलो गांजे का राज, फॉरच्यूनर सहित 4 तस्कर गिरफ्तार

बिहार के अमनौर में एक स्वर्ण व्यवसायी को सिर में मारी गोली, पीएमसीएच रेफर, इलाके में सनसनी

बिहार पुलिस अब विधि-व्यवस्था में नहीं उठाएगी एके-47, इंसास और एसएलआर, डीजीपी विनय कुमार का सख्त आदेश

बिहार में रग्बी खिलाड़ी के तौर पर मैदान में दूसरी लड़की उतरी, नौकरी व सम्मान संघ के सचिव की पत्नी वंदना कुमारी को मिला

पंजाब भाजपा का नया फार्मूला, 5 जोन में बांटा प्रदेश,चुनाव की कर रहे तैयारी महासचिवों को सौंप गई कमान

Leave a Comment