लखनऊ : उत्तर प्रदेश शासन की प्रमुख सचिव, अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ विभाग, संयुक्ता समद्दार ने गुरुवार को जूम ऐप के माध्यम से उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद के आधिकारिक पोर्टल पर विकसित “कोर्ट केस मॉड्यूल” का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि नव विकसित मॉड्यूल विभाग से संबंधित माननीय उच्च न्यायालय एवं माननीय सर्वोच्च न्यायालय में लंबित न्यायालयीन वादों की अद्यतन जानकारी उपलब्ध कराने तथा उनके प्रभावी अनुश्रवण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
प्रमुख सचिव ने बताया कि इस मॉड्यूल के माध्यम से संबंधित जनपदों के जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारियों द्वारा विभागीय वादों की नवीनतम स्थिति ऑनलाइन फीड की जाएगी। इससे निदेशालय एवं शासन स्तर पर प्रदेश के सभी जनपदों में लंबित एवं प्रचलित न्यायालयीन मामलों की प्रभावी समीक्षा और सतत मॉनिटरिंग सुनिश्चित हो सकेगी। उन्होंने कहा कि तकनीक आधारित यह पहल विभागीय कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह एवं परिणामोन्मुख बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
बैठक के दौरान प्रमुख सचिव ने समस्त मंडलों के उप निदेशक, अल्पसंख्यक कल्याण को निर्देशित किया कि वे मॉड्यूल पर दर्ज किए जा रहे वादों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करें। साथ ही एक सप्ताह के भीतर विभाग से संबंधित सभी लंबित एवं प्रचलित न्यायालयीन वादों का विवरण पोर्टल पर अद्यतन कर शासन को अवगत कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारियों एवं उप निदेशकों के साथ विभागीय न्यायालयीन वादों की विस्तृत समीक्षा भी की। इस दौरान निर्देश दिए गए कि माननीय न्यायालयों द्वारा पारित आदेशों का समयबद्ध एवं प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि अनावश्यक मुकदमेबाजी तथा अवमानना संबंधी परिस्थितियों से बचा जा सके।
बैठक में “प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम” के अंतर्गत संचालित परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए प्रमुख सचिव ने सभी परियोजनाओं को निगरानी ऐप पर जियो-टैग किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं की प्रगति, गुणवत्ता एवं भौतिक स्थिति की प्रभावी निगरानी के लिए जियो-टैगिंग की प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण किया जाए।
बैठक में न्यायालयीन वादों के प्रभावी प्रबंधन, समयबद्ध अनुपालन तथा विकास परियोजनाओं की सतत निगरानी से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम में निदेशक शीलधर सिंह यादव, संयुक्त निदेशक आर.पी. सिंह सहित विभाग के अन्य अधिकारियों ने सहभागिता की।











