भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार चलाए जा रहे एस.आई.आर.-2026 (विशेष गहन पुनरीक्षण) अभियान के तहत जिला निर्वाचन अधिकारी-सह-उपायुक्त अमृतसर श्री दलविंदरजीत सिंह के निर्देशों की अनुपालना करते हुए सारागढ़ी मेमोरियल स्कूल ऑफ एमिनेंस, टाउन हॉल, माल मंडी, अमृतसर में बूथ स्तरीय अधिकारियों (बी.एल.ओ.) एवं पर्यवेक्षकों के लिए एक विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया।
इस प्रशिक्षण सत्र के दौरान विधानसभा क्षेत्र 018-अमृतसर पूर्वी के सेक्टर संख्या 1 से 8 तक के बी.एल.ओ. एवं पर्यवेक्षकों के प्रथम बैच को विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया। सत्र में श्री हितेश वीर गुप्ता, पी.सी.एस., निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी, 018-अमृतसर पूर्वी एवं क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (आर.टी.ओ.) अमृतसर, श्री केवल कृष्ण, निर्वाचन प्रकोष्ठ प्रभारी तथा श्री जसप्रीत सिंह, निरीक्षक विशेष रूप से उपस्थित रहे।
प्रशिक्षण के दौरान विधानसभा स्तरीय मास्टर प्रशिक्षकों श्री जर्मनजीत सिंह (व्याख्याता एवं समन्वयक), श्री प्रभजोत सिंह, श्री मनिंदरपाल सिंह तथा श्री कवलजीत सिंह द्वारा बी.एल.ओ. को एस.आई.आर. प्रक्रिया के विभिन्न पहलुओं संबंधी विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।

इस अवसर पर उपायुक्त श्री दलविंदरजीत सिंह ने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया की विश्वसनीयता एवं पारदर्शिता बनाए रखने के लिए मतदाता सूचियों की शुद्धता अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि एस.आई.आर.-2026 का मुख्य उद्देश्य पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में शामिल करना, अपात्र प्रविष्टियों को हटाना तथा मतदाता सूची को अद्यतन बनाए रखना है। उन्होंने सभी बी.एल.ओ. से अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में घर-घर सर्वेक्षण के दौरान पूर्ण ईमानदारी, निष्पक्षता एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य करें।

बी.एल.ओ. की समझ को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए प्रशिक्षण सत्र के दौरान वैचारिक चर्चाएं, प्रश्नोत्तर सत्र तथा प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं। इन गतिविधियों के माध्यम से एस.आई.आर. प्रक्रिया के विभिन्न पहलुओं की गहन समझ विकसित की गई, ताकि आगामी घर-घर सर्वेक्षण के दौरान बी.एल.ओ. को किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।
अधिकारियों ने बताया कि प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य बी.एल.ओ. को विधानसभा क्षेत्र 018-अमृतसर पूर्वी में आयोजित किए जाने वाले एस.आई.आर. सर्वेक्षण के लिए एक स्पष्ट, व्यवस्थित एवं व्यापक दृष्टिकोण प्रदान करना है, जिससे निर्वाचन आयोग के निर्देशों को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके।
प्रशिक्षण सत्र के दौरान उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने निर्वाचन आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूर्णतः पालन करते हुए मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न करने का संकल्प भी लिया।












