बिहार (अफजल इमाम ’’मुन्ना’’)। बिहार के डीजीपी विनय कुमार 21 दिनों की छट्टी पर चले गए हैं। ऐसे में उनकी गैरमौजूदगी में बिहार पुलिस की कमान अब वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी प्रीता वर्मा के हाथों में है। वर्ष 1991 बैच की आईपीएस अधिकारी प्रीता वर्मा ने बुधवार यानी 16 सितंबर को प्रभारी डीजीपी के तौर पर पदभार संभाला। बिहार के इतिहास में पहली बार कोई महिला पुलिस अधिकारी डीजीपी बनी हैं। पदभार संभालने के बाद उन्होंने पुलिस के आला अधिकारियों के साथ एक अहम बैठक की। इसमें कानून व्यवस्था को लेकर कई जरूरी निर्देश दिए गए। प्रीता वर्मा को डीजीपी विनय कुमार की गैरमौजूदगी में अतिरिक्त प्रभार मिला है। विनय कुमार 15 सितंबर से 5 अक्टूबर तक 21 दिनों के अवकाश पर हैं। इस दौरान प्रीता वर्मा डीजीपी की जिम्मेदारी संभालेंगी। वह होमगार्ड एवं फायर सर्विस की डीजी की अपनी मौजूदा जिम्मेदारी भी निभाती रहेंगी।
पदभार संभालने के बाद प्रभारी डीजीपी प्रीता वर्मा ने राज्य के आईजी व डीआईजी और जिलों के एसपी के साथ बैठक की। इसमें कानून व्यवस्था से जुड़े मुद्दों की समीक्षा की गई। इस बैठक में पुलिसिंग को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया। जिलों में अपराध और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश भी दिए गए। प्रभारी डीजीपी प्रीता वर्मा ने सूखे नशे के खिलाफ कार्रवाई को लेकर पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए। खासकर युवाओं और बच्चों को प्रभावित करने वाले नशीले पदार्थों की बिक्री और तस्करी पर नजर रखने को कहा गया। जिलों में नशे के नेटवर्क की पहचान करने पर जोर दिया गया। साथ ही, ऐसे मामलों में प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा भी प्रमुख मुद्दा रहा। संवेदनशील मामलों में पुलिस को तेजी से कार्रवाई करने को कहा गया। स्कूल, कॉलेज और सार्वजनिक स्थानों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। पुलिस की मौजूदगी और निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए। गयाजी में पितृपक्ष मेला शुरू हो चुका है। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए प्रभारी डीजीपी प्रीता वर्मा ने पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा। भीड़ नियंत्रण और यातायात व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। प्रमुख धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर भी पुलिस को सतर्क रहने को कहा गया। गयाजी में पितृपक्ष मेले को लेकर प्रशासन पहले से सुरक्षा और यातायात की तैयारियों में जुटा है।
सीमा से जुड़े जिलों के पुलिस अधिकारियों को भी खास निर्देश दिए गए। सीमा पार से होने वाली घुसपैठ और संदिग्ध गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी रखने को कहा गया। स्थानीय पुलिस और संबंधित सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय पर भी जोर दिया गया। संदिग्ध गतिविधि सामने आने पर समय पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। प्रीता वर्मा को फिलहाल डीजीपी का अतिरिक्त प्रभार मिला है। यह व्यवस्था विनय कुमार के अवकाश से लौटने तक प्रभावी रहेगी। वहीं, बिहार के नियमित डीजीपी के चयन की प्रक्रिया अलग से चल रही है। नियम के अनुसार, वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों का पैनल तैयार कर यूपीएससी को भेजा जाता है। इसके बाद प्रक्रिया के तहत तीन नाम राज्य सरकार को भेजे जाते हैं। अंतिम चयन राज्य सरकार की ओर से किया जाता है।






