बिहार (अफजल इमाम ’’मुन्ना’’)। बिहार में पिछले एक पखवाड़े से बाढ़ के पानी में घिरे पीड़ित अब जलजनित बीमारियों की चपेट में आने लगे हैं। बिहार में पुनपुन, सोन, गंगा, गंडक और कोसी नदियों में आई भीषण बाढ़ से लगभग 49.74 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जलजनित रोगों से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट है। कटिहार में अब तक 50 किलो ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव और 3,084 हैलोजन टैबलेट बांटे गए हैं। कुल 113 चिकित्सा शिविरों के जरिये 8,678 मरीजों का उपचार किया जा चुका है। सिविल सर्जन डा.जितेंद्रनाथ सिंह के मुताबिक, मरीजों में फंगल इंफेक्शन, पेट खराब और मौसमी बीमारियों के मामले ज्यादा हैं। 5 एंबुलेंस नाव घर-घर जाकर प्रभावितों का उपचार कर रही हैं। खगड़िया में नोचनी के मरीज ज्यादा मिल रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, यहां 122 प्रकार की दवाएं उपलब्ध हैं। ओआरएस पैकेट का वितरण किया जा रहा है। वहीं, समस्तीपुर में पैरों में फंगल इन्फेक्शन, सूजन और बुखार की समस्या सामने आ रही है। डायरिया सहित अन्य जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा अब तक 22 स्वास्थ्य शिविर लगाए गए हैं। अब तक कुल 15,086 लोग लाभान्वित हुए हैं। अब तक कुल 3,547 पशुओं का उपचार किया गया है। बीमारी से बचाव के लिए अब तक 130 किलो ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव किया गया है। समस्तीपुर के जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा का कहना है कि स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। बुखार या दस्त की स्थिति में तुरंत स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करने की अपील की गई है।
राज्य में पुनपुन, गंगा, गंडक, कोसी सहित अन्य नदियां अब भी खतरे के निशान से ऊपर बह रहीं हैं, जिससे निचले इलाकों में जलजमाव और तटबंधों पर दबाव बना हुआ है। भागलपुर के पीरपैंती व अररिया के भरगामा में नहाने के दौरान 5 किशोर सहित 6 डूब गए। जिसमें से 3 को ग्रामीणों ने बचा लिया। जबकि, 2 की मौत हो गई। एक की तलाश जारी है। भागलपुर में नाथनगर के गांवों में अब भी तीन फीट तक पानी बह रहा है। कहलगांव में थाने और शिवनारायणपुर-बरोहिया पथ पर पानी भरा है। कटिहार में शनिवार को प्राणपुर प्रखंड के जोड़ेंगा, रोशना, बंगुरूवा सहित 53 नए गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। कटिहार में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे कटिहार के प्रभारी मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी और विधायक विजय कुमार सिंह को शनिवार को बाढ़ पीड़ितों के विरोध का सामना करना पड़ा है।

ग्रामीण इस बात से नाराज थे कि जनप्रतिनिधि नाव से अंदरूनी जलमग्न गांवों का जायजा लेने के बजाय भवानीपुर-कुंडी मुख्य सड़क से ही स्थिति देखकर लौट जा रहे थे। आक्रोशित भीड़ ने नाव से गांवों के अंदर जाने की मांग करते हुए नारेबाजी की, जिसके बाद प्रभारी मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी व विधायक विजय सिंह बाढ़ स्वास्थ्य केंद्र से ही वापस लौट गए। ग्रामीणों का आरोप है कि उनके गांव पूरी तरह बाढ़ के पानी से घिरे हैं। लेकिन, अब तक उन्हें रहने के लिए तिरपाल, शुद्ध पेयजल और मवेशियों के लिए चारा तक उपलब्ध नहीं कराया गया है।
बिहार में बाढ़ का दायरा लगातार बढ़ने के साथ प्रभावित आबादी का आंकड़ा 50 लाख के पार पहुंच गया है। राज्य के 15 जिलों के 88 प्रखंडों और 575 ग्राम पंचायतों में 49.74 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। इस बीच प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों को तेज करने के साथ खाद्यान्न, पशु चारा, दवा एवं अन्य जरूरी सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने की चुनौती बढ़ती जा रही है। पुनपुन, सोन, गंगा, गंडक एवं कोसी के कारण परेशानी बरकरार है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 1,248 सामुदायिक रसोई और 13 राहत शिविर संचालित किए जा रहे हैं। इन शिविरों में लगभग 11,508 लोगों के ठहरने, भोजन और चिकित्सा की व्यवस्था की गई है।

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पटना, अरवल, भोजपुर, बक्सर, सारण, वैशाली, समस्तीपुर, बेगूसराय, लखीसराय, मुंगेर, भागलपुर, खगड़िया, दरभंगा, मधेपुरा, पूर्णिया एवं कटिहार शामिल है। प्रभावित परिवारों को इस वर्ष की बाढ़ में पहली बार 7-7 हजार की नकदी सहायता दी जा रही है। अभी राज्य के 8 लाख 27 हजार 472 बाढ़ पीड़ित परिवारों को सहायता राशि मिली है। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने डीबीटी के माध्यम से पीड़ितों के खाते में 7-7 हजार रूपये मंगलवार यानी 15 सितंबर को भेजा। कुल 579.23 करोड़ रूपये अनुग्रह सहायता के तौर पर दी गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आदेश के अनुसार, जो पात्र परिवार बचे रह गए हैं, उनका आकलन किया जायेगा, इसके बाद 7 दिनों के अंदर ही उन्हें भी 7-7 हजार रूपये सहायता राशि खाते में भेज दी जायेगी। बिहार के बाढ़ पीड़ितों के लिए यह सहायता राशि बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
बता दें कि, बिहार में बाढ़ की स्थिति के बीच बुधवार यानी 16 सितंबर को नमो सरकार के केंद्रीय ग्रामीण विकास सह कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृव में एक केंद्रीय टीम पहुंची है। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बाढ़ का जायजा लेने के लिए पहले हवाई सर्वेक्षण किया। फिर बुधवार को ही जमीन पर उतर कर वैशाली के बाढ़ प्रभावित राघोपुर इलाके का जायजा लेने पहुंचे। जहां दोनों नेताओं ने तेरसिया और आसपास के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और प्रभावित लोगों तथा किसानों से बातचीत की। बाढ़ के पानी और जलभराव वाले इलाकों तक पहुंचने के लिए ट्रैक्टर का भी इस्तेमाल किया गया। इधर, लोकसभा में नेता विरोधी दल व कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी एवं कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने बिहार में बाढ़ से हुई जनहानि एवं तबाही पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए सरकार से राहत व बचाव कार्य तेज करने और नेताओं व कार्यकर्ताओं से प्रभावित लोगों की हरसंभव मदद करने की अपील की है।





