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पटना में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव का विशाल राजभवन मार्च, हाथों में तिरंगा व सरकार विरोधी पोस्टर लेकर निकले प्रदर्शनकारी, राज्यपाल से नहीं हुई मुलाकात, राजपाल के सचिव को ज्ञापन सौंप कर लौटे नेतागण

On: August 20, 2026 3:35 PM
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बिहार (अफजल इमाम ’’मुन्ना’’)। बिहार में नीट प्रश्न पत्र लीक मामले और सीवान में छात्र आंदोलन के दौरान एके-47 से फायरिंग के आरोप को लेकर बुधवार यानी 19 अगस्त को नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव सड़क पर उतरे। राजद ने राजधानी पटना में जे.पी. गोलंबर से राजभवन तक विशाल मार्च निकाला। जहां करीब 5 किलोमीटर के इस राजभवन मार्च में बड़ी संख्या में दल के नेता व कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए। राजभवन मार्च के दौरान कई जगह पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हुई। राजधानी पटना में डाकबंगला चौराहे पर बैरिकेडिंग तोड़ी गई। इसके बाद इनकम टैक्स चौराहे के पास पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर वाटर कैनन का प्रयोग किया।

राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष व बिहार में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव के नेतृत्व में राजभवन मार्च की शुरुआत राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान स्थित जे.पी. गोलंबर से हुई। जहां हाथ में तिरंगा झंडा लिए तेजस्वी यादव के साथ राजद सांसद डॉ.मीसा भारती व अभय कुशवाहा सहित राजद के कई नेता और हजारों कार्यकर्ता मौजूद रहे। राजभवन मार्च में सीवान की घटना को लेकर बिहार सरकार से जवाब मांगा गया। तेजस्वी यादव ने छात्रों पर कथित फायरिंग के लिए जिम्मेदारी तय करने की मांग की। उन्होंने कहा कि जब तक दोषियों पर कार्रवाई नहीं होगी, आंदोलन जारी रहेगा।

 राजभवन मार्च आगे बढ़ते हुए डाकबंगला चौराहे तक पहुंचा। जहां पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग कर रखी थी। तेजस्वी यादव और उनके समर्थक बैरिकेडिंग पार कर आगे बढ़ गए। इस दौरान पुलिस और राजद कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। कुछ कार्यकर्ताओं ने पुलिस की तरफ पानी की बोतलें फेंकीं। वहीं, कुछ लोग खिलौने वाली लकड़ी की एके-47 लेकर मार्च में पहुंचे थे। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने इनकम टैक्स चौराहे के पास वाटर कैनन का प्रयोग किया। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश की। पटना के एएसपी लॉ एंड ऑर्डर कृष्ण मुरारी प्रसाद ने जवानों को संयम बरतने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि तिरंगे झंडे का सम्मान रखा जाए और लाठी का इस्तेमाल समझदारी से किया जाए।

राजभवन मार्च के दौरान पुलिस ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और राजद सांसद डॉ.मीसा भारती को हिरासत में ले लिया। राजद सांसद अभय कुशवाहा सहित राजदअभय कुशवाहा सहित राजद के कई नेता व कार्यकर्ता बस की छतों पर चढ़कर सरकार के विरूद्ध नारे लगाते रहे। तेजस्वी यादव और मीसा भारती को पटना सचिवालय थाना ले जाया गया। जहां करीब एक घंटे रखने के बाद दोनों को छोड़ दिया गया। सचिवालय थाना से बाहर आने के बाद तेजस्वी यादव ने सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने साफ कहा कि वह जेल जाने से डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि ’हमारे भगवान श्री कृष्ण का जन्म जेल में ही हुआ था। जो सत्ता में आया है, उसका जाना तय है।’ उन्होंने सवाल उठाया कि सीवान के छात्रों पर एके-47 चलाने का आदेश किसने दिया था। तेजस्वी यादव ने कहा कि इस घटना की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। जब तक मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी जिम्मेदारी तय नहीं करते और दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक राजद का संघर्ष जारी रहेगा।

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के राजभवन मार्च के बीच राजद का एक प्रतिनिधिमंडल राजभवन पहुंचा। इस दौरान बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन वहां मौजूद नहीं थे। राजद प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल के सचिव को ही अपना ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में छात्रों से जुड़े मुद्दों के अलावा परीक्षा व्यवस्था, रोजगार और कथित एके-47 फायरिंग की घटना को लेकर कार्रवाई की मांग की गई है। ज्ञापन सौंपने के बाद राजद नेता व राज्यसभा .मनोज कुमार झा ने एनडीए सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि छात्रों पर एके-47 चलाए जाने का आरोप गंभीर है। उन्होंने कथित हलफनामे और गोली चलने के मुद्दे पर भी सवाल उठाए। प्रो.मनोज झा ने कहा कि गर्दनीबाग में छात्र लगातार घरने पर बैठे हैं और परीक्षा व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल हैं। उनका आरोप था कि सरकार ने शिक्षा और रोजगार के ढांचे को कमजोर कर दिया है। इन सभी मुद्दों को राज्यपाल के सचिव के सामने विस्तार से रखा गया है।

बता दें कि, बिहार में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव करीब 5 वर्षों के बाद किसी बड़े मुद्दे पर सड़क पर संघर्ष करते नजर आए। इससे पूर्व वर्ष 2021 में बिहार सरकार के एक प्रस्ताव के विरोध में उन्होंने सड़क पर जोरदार प्रदर्शन किया था। इस बार छात्र आंदोलन और कथित एके-47 फायरिंग के मुद्दे ने राजद को सड़क पर उतरने का मौका दिया। दिनभर चले राजभवन मार्च में राजद ने सरकार से जवाब और कार्रवाई की मांग की। वहीं, प्रशासन व पुलिस ने भी सुरक्षा व कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जगह-जगह बैरिकेडिंग और बड़े पैमाने पर पुलिस बल की तैनाती कर रखी थी।

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