पंजाब में बिजली आपूर्ति को लेकर आज किसान मजदूर मोर्चा प्रदेश भर में पावर काम के वरिष्ठ अधिकारियों के दफ्तरों के बाहर धरना और प्रदर्शन कर रहा है। संगठन का कहना है कि किसानों मजदूरों और आम उपभोगता को लगातार बिजली संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है इसके विरोध में यह आंदोलन किया जा रहा है।
मोर्चे के नेताओं के अनुसार धान की खेती का सीजन अपने चरम पर है लेकिन कई क्षेत्रों में कृषि मोटरों के लिए केवल 2.30 से 4 घंटे तक ही बिजली मिल रही है उनका कहना है कि इससे इस सिंचाई का काम गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा है और किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। यही नहीं आपको यह भी बता दें की पंजाब मे 24 घंटे निर्बाध बिजली की जाए जिससे कृषि मोटरों के लिए कम से कम 16 घंटे और घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए और 24 घंटे के भीतर इस मांग को पूरा किया जाए और उनकी धुलाई का खर्च भी बिजली विभाग स्वयं वहन करें।

पुरानी मोटर दोबारा से लगायी जाए
संगठन ने उपभोक्ताओं की सहमति के बिना स्मार्ट मीटर लगाए जाने का भी विरोध किया है मोर्चा की मांग है कि जिन उपभोक्ताओं के पुराने मीटर हटाए गए हैं उन्हें 10% जुर्माना जोड़कर भेज रहे बिल वापस लिए जाएं और पुरानी मोटर मी दोबारा लगायी जाएं।
जानिए किसानो की क्या हैं मांगे
इसके अलावा संगठन ने बिजली विभाग के निजीकरण और निगम कारण की नीति वापस लेने खाली पदों पर शीघ्र भर्ती करने तथा निजी कंपनियों के साथ किए गए पावर परचेज समझौते को रद्द करने की मांग की है। किसान मजदूर मोर्चा ने प्रदेश भर के किसानों मजदूरों और आम लोगों से अपील की है कि वह आज आयोजित धरने में बड़ी संख्या में शामिल होकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद करें।






