पंजाब (नितिन): लुधियाना की ताजपुर रोड स्थित ब्रौस्टल जेल में कथित तौर पर बंदियों को मोबाइल फोन, नशा और बेहतर सुविधाएं मुहैया करवाने का मामला सामने आया है। इस मामले में जेल के सहायक सुपरिंटेंडेंट हरमिंदर सिंह और वार्डन बलजीत सिंह के खिलाफ केस दर्ज कर उन्हें सस्पेंड कर दिया गया है। मामले में चार बंदियों को भी आरोपी बनाया गया है। इनमें विदेश में बैठे गैंगस्टर गोल्डी बराड़ का एक कथित साथी भी शामिल बताया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, ब्रौस्टल जेल के डिप्टी सुपरिंटेंडेंट (सिक्योरिटी) जगजीत सिंह की शिकायत पर यह कार्रवाई की गई। आरोप है कि जेल के उक्त कर्मचारी कुछ बंदियों को मोबाइल फोन, नशा और बेहतर बैरक व अन्य सुविधाएं उपलब्ध करवाते थे। मामले की जांच रिपोर्ट एडीजीपी (जेल), डीआईजी जेल सर्कल पटियाला और लुधियाना के पुलिस कमिश्नर स्वप्न शर्मा को भेजी गई थी। इसके बाद सहायक सुपरिंटेंडेंट हरमिंदर सिंह और वार्डन बलजीत सिंह के खिलाफ कार्रवाई की गई।
इस मामले में साहिल, लवप्रीत, अभिषेक और जतिन नामक चार बंदियों को भी आरोपी बनाया गया है। इनमें से एक को गोल्डी बराड़ का साथी बताया जा रहा है। हालांकि, आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। गौरतलब है कि इससे पहले ताजपुर रोड स्थित सेंट्रल जेल में भी बंदियों को बेहतर बैरक और सुविधाएं देने से जुड़ा मामला सामने आया था। अब ब्रौस्टल जेल में कथित रैकेट का खुलासा होने से जेलों की सुरक्षा व्यवस्था और अंदर मोबाइल व नशे की पहुंच को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।






