जालंधर: पावरकॉम ने इंडस्ट्रियल और कमर्शियल बिजली कनेक्शन के नियमों में अहम बदलाव किए हैं। जिसके मुताबिक, पहले पावरकॉम यह देखता था कि जिस 11 के.वी. फीडर से बिजली सप्लाई करनी है, उसका लोड भविष्य में कितना बढ़ेगा। जब लोड तेजी से बढ़ने की संभावना होती थी, तो कनेक्शन वेटिंग लिस्ट में चला जाता था, जिससे कनेक्शन के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता था। अब ऐसा नहीं होगा। पावरकॉम ने बड़े बिजली उपभोक्ता और उद्योगपतियों को राहत देते हुए फीजिबिलिटी क्लीयरेंस सुधार के लिए संबंधित निर्देशों को तुरंत लागू कर दिया है। यह पत्र जालंधर के अधिकारियों को दे दिया गया है।

पुराने नियम 4 सितंबर, 2023 को तैयार किए गए थे, जिसके मुताबिक जब कोई भी उपभोक्ता 11 के.वी. लाइन पर नए कनेक्शन या लोड बढ़ाने के लिए पत्र जमा करता था, तो अधिकारी टेक्निकल इंस्पेक्शन के दौरान उस लाइन पर भविष्य में कितना लोड बढ़ेगा, इसका हिसाब लगाते थे। इससे उपभोक्ता को मंजूरी मिलने में बेवजह देरी और मुश्किलें होती थीं।
न्यूज रिपोर्ट्स के मुताबिक, नए अमेंडमेंट के मुताबिक, 11 के.वी. इंडिपेंडेंट फीडर वाले उपभोक्ता को लोड बढ़ने की इस जरूरी शर्त से छूट दी गई है। इसका मतलब है कि अब इंडिपेंडेंट फीडर के मामले में, अधिकारी भविष्य में लोड बढ़ने की चिंता किए बिना लेटर पर फैसला ले सकेंगे। इससे लोगों के लेटर की प्रोसेसिंग में तेजी आएगी और अप्रूवल जल्दी मिल जाएगा। इसका सीधा फायदा बड़ी सप्लाई वाली इंडस्ट्रियल कैटेगरी और 500 KVA से ज्यादा बिजली की मांग करने वाले बड़े कमर्शियल और इंस्टीट्यूशनल उभोक्ताओं को होगा, जो 11 के.वी. इंडिपेंडेंट फीडर कनेक्शन इस्तेमाल कर रहे हैं या नया कनेक्शन लेना चाहते हैं।











