राष्ट्रीय ( नितिन ) : बरेली के बारादरी थानाक्षेत्र में पुलिस ने फर्जी आयुर्वेदिक दवा कंपनी बनाकर ऑनलाइन विज्ञापनों के जरिए ठगी करने के आरोप में 3 लोगों को को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने उनके कब्जे से 14 मोबाइल फोन, 3 लैपटॉप, 2 चार्जर, 75 फर्जी दवाइयां, फर्जी बिल, शिपिंग लेबल और वेबसाइट का डेटा बरामद किया है।
पुलिस अधीक्षक (नगर) मानुष पारीक ने बताया कि 12 सितंबर को सूचना के आधार पर यादगार रेरस्तरां के पास छापा मारा गया जहां कुछ लोग लैपटॉप, मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के माध्यम से फर्जी वेबसाइट और ऑनलाइन विज्ञापनों के जरिए बिना वैध लाइसेंस के आयुर्वेदिक दवाइयां बेचने के लिए कॉल सेंटर चला रहे थे। आरोपियों पर लोगों को भ्रमित कर अनुचित आर्थिक लाभ अर्जित करने का आरोप है। पारीक के अनुसार पुलिस ने मौके से डायबोडायबेटिक पाउडर और ब्रह्म सुगर केयर समेत 75 फर्जी दवाइयां बरामद कीं तथा उसे फर्जी बिल और शिपिंग लेबल भी मिले।
पुलिस अधीक्षक के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों की पहचान साजिद मलिक, इस्लाम और मोहम्मद जफर के रूप में हुई है। पारीक के अनुसार पूछताछ में साजिद ने बताया कि वेबसाइट और कॉल के माध्यम से दवाइयों के ऑर्डर लिए जाते थे तथा ग्राहकों का भरोसा जीतने के लिए अलग-अलग कंपनियों के नाम से फर्जी बिल तैयार किए जाते थे और दवाइयों को कूरियर के जरिए भेजा जाता था। साजिद ने पुलिस को बताया कि दवाइयों से संबंधित काम उसका भाई रऊफ और उसका साझेदार रिजवान देखते हैं।
पुलिस के मुताबिक एक अन्य आरोपी इस्लाम ने बताया कि वह कंपनी का तकनीकी काम देखता था और फेसबुक पर बीमारी को 3 दिन में ठीक करने के दावे वाले फर्जी विज्ञापन तैयार करता था। पुलिस का कहना है कि इस्लाम ने वेबसाइट बनाई थी और ग्राहकों को कैश ऑन डिलीवरी के माध्यम से पार्सल भेजे जाते थे। पुलिस ने इस मामले में बीएनएस की संबंधित धाराओं तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।






