झांसी (ब्यूरो) – जनपद के गुरसराय थाने में सोमवार सुबह पुलिस अभिरक्षा (कस्टडी) के दौरान एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। ग्राम सिंघार के एक मंदिर के 62 वर्षीय पुजारी राजेंद्र प्रसाद ने थाने के शौचालय में अपने गमछे से फंदा लगाकर आत्महत्या का प्रयास किया। आनन-फानन में पुलिस उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गई, जहां से गंभीर हालत में उन्हें झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। वहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। कस्टोडियल डेथ की इस घटना से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
नौ वर्षीय मासूम से छेड़छाड़ का था आरोप
पुलिस के अनुसार, मृतक राजेंद्र प्रसाद ग्राम सिंगार स्थित राधा-कृष्ण मंदिर में पुजारी थे। उन पर गांव की ही एक 9 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ छेड़खानी और दुष्कर्म के प्रयास का आरोप था। पीड़ित पक्ष की तहरीर पर गुरसराय पुलिस ने रविवार को उनके खिलाफ पॉक्सो (POCSO) एक्ट और छेड़छाड़ की संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें हिरासत में लिया था।
चकमा देकर टॉयलेट में घुसे, संतरी को नहीं लगी भनक
सोमवार सुबह आरोपी राजेंद्र प्रसाद ने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों से शौचालय जाने की बात कही। शौचालय के भीतर जाने के बाद काफी देर तक जब वे बाहर नहीं निकले, तो संतरी को शक हुआ। आवाज देने पर भी अंदर से कोई हलचल नहीं हुई। पुलिसकर्मियों ने जब दरवाजा तोड़ा, तो अंदर का नजारा देख उनके होश उड़ गए। बुजुर्ग अपने ही गमछे के सहारे फंदे पर लटके हुए थे। पुलिस ने तुरंत उन्हें नीचे उतारा और अस्पताल लेकर भागी, लेकिन तब तक उनकी स्थिति अत्यंत नाजुक हो चुकी थी और अंततः मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
बुजुर्ग की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। अस्पताल पहुंचे परिजनों ने रो-रोकर पुलिस और शिकायतकर्ता पर गंभीर आरोप लगाए। परिजनों का कहना है कि राजेंद्र प्रसाद पूरी तरह निर्दोष थे और उन्हें रंजिशन झूठे मुकदमे में फंसाकर बदनाम किया गया था। समाज में होने वाली बदनामी और लोक-लाज के डर से वे अंदर से टूट चुके थे, जिसके कारण उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठाया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिले के कप्तान (SSP) ने कहा, “पॉक्सो एक्ट के तहत निरुद्ध किए गए एक आरोपी द्वारा थाने के शौचालय में सुसाइड का प्रयास किया गया था, जिनकी उपचार के दौरान अस्पताल में मृत्यु हो गई है। यह मामला पुलिस अभिरक्षा से जुड़ा है, इसलिए इसकी पूरी निष्पक्षता से न्यायिक व विभागीय जांच कराई जा रही है। घटना की विस्तृत जांच एसपी देहात (SP Rural) को सौंप दी गई है। ड्यूटी पर तैनात संतरी और संबंधित पुलिसकर्मियों की भूमिका की समीक्षा की जा रही है। सुरक्षा व्यवस्था में जिस भी स्तर पर शिथिलता या लापरवाही उजागर होगी, दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध अत्यंत सख्त विभागीय और दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।”












