जिला सामाजिक सुरक्षा अधिकारी, अमृतसर ने जिले के दिव्यांगजनों से भारत सरकार के PM-DAKSH-DEPwD पोर्टल पर पंजीकरण कराने की अपील करते हुए कहा है कि इस पोर्टल के माध्यम से दिव्यांगजनों को कौशल प्रशिक्षण तथा रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि भारत सरकार के दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग (Department of Empowerment of Persons with Disabilities – DEPwD) द्वारा संचालित इस पोर्टल के माध्यम से दिव्यांगजनों को 250 से अधिक कौशल आधारित प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों से जोड़ा गया है। इनमें कंप्यूटर एवं IT/ITES, रिटेल, इलेक्ट्रॉनिक्स, कार्यालय कार्य, स्वास्थ्यसेवाएं, हॉस्पिटैलिटी, लॉजिस्टिक्स, अपैरल, ब्यूटी एंड वेलनेस सहित अनेक रोजगारोन्मुखी क्षेत्रों के पाठ्यक्रम शामिल हैं। इच्छुक अभ्यर्थी अपनी शैक्षणिक योग्यता, रुचि तथा दिव्यांगता के प्रकार के अनुसार प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए आवेदन कर सकते हैं।

उन्होंने बताया कि इसी पोर्टल पर ‘दिव्यांगजन रोजगार सेतु’ सुविधा भी उपलब्ध है, जिसके माध्यम से दिव्यांग उम्मीदवारों को उनकी योग्यता एवं कौशल के अनुरूप रोजगार के अवसरों से जोड़ा जाता है। उम्मीदवार IT, बैक-ऑफिस, कस्टमर सपोर्ट, रिटेल, सेल्स, हॉस्पिटैलिटी, लॉजिस्टिक्स तथा अन्य क्षेत्रों में उपलब्ध नौकरियों के लिए आवेदन कर सकते हैं।
जिला सामाजिक सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि भारत सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार इस पहल के तहत अब तक 1.34 लाख से अधिक दिव्यांगजन लाभान्वित हो चुके हैं। इनमें से लगभग 87,200 दिव्यांगजनों को कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया गया है, जबकि 25,724 दिव्यांगजनों को रोजगार से जोड़ा जा चुका है।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल दिव्यांगजनों को सरकारी सहायता उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि उन्हें कौशल विकास और रोजगार से जोड़कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना भी है। उन्होंने अमृतसर जिले के अधिक से अधिक दिव्यांग युवाओं से इस अवसर का लाभ उठाते हुए शीघ्र पंजीकरण कराने की अपील की।
उन्होंने बताया कि पंजीकरण के लिए दिव्यांगजन PM-DAKSH-DEPwD पोर्टल पर अपने UDID विवरण और मोबाइल नंबर के माध्यम से अपनी प्रोफाइल बना सकते हैं। पंजीकरण के बाद वे अपनी योग्यता के अनुरूप उपलब्ध प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों तथा रोजगार के अवसरों की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
जिला सामाजिक सुरक्षा अधिकारी ने दिव्यांगजनों के अभिभावकों, परिवार के सदस्यों, शिक्षण संस्थानों, गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) तथा दिव्यांगजनों के कल्याण के लिए कार्य कर रही संस्थाओं से भी अपील की कि वे इस योजना की जानकारी अधिक से अधिक पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाएं तथा जरूरतमंद दिव्यांगजनों के पंजीकरण में सहयोग करें।






