बिहार (अफजल इमाम ’’मुन्ना’’)। बिहार की राजनीति में एक बार फिर बहुत बड़ा उलटफेर होने के संकेत मिल रहे हैं। जनता दल युनाइटेड यानी जद(यू.) के राष्ट्रीय अध्यक्ष व बिहार के निवर्तमान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और नौकरशाह से राजनेता बने नमो सरकार के पूर्व केंद्रीय मंत्री रामचंद्र प्रसाद सिंह यानी आर.सी.पी. सिंह के बीच अचानक हुई मुलाकात ने राजनीतिक गलियारों में अटकलों का दौर तेज कर दिया है। यह मुलाकात शनिवार यानी 27 जून को राजधानी पटना में 7 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास पर हुई है। लंबे समय की दूरियों के बाद दोनों नेताओं की इस मुलाकात को बेहद अहम माना जा रहा है। आर.सी.पी. सिंह ने खुद इस मुलाकात की पुष्टि की है और कहा है कि आने वाले दिनों में बिहार की सियासत में बहुत कुछ बड़ा देखने को मिल सकता है।

नीतीश कुमार से मिलने के बाद मीडिया से बातचीत में आर.सी.पी. सिंह ने साफ किया कि जो लोग इस मुलाकात को सिर्फ एक अफवाह बता रहे थे, वे पूरी तरह गलत हैं। उन्होंने कहा कि हमारी मुलाकात बिल्कुल हुई है और हम दोनों के बीच खुलकर बातचीत भी हुई है। आर.सी.पी. सिंह ने इस मुलाकात को बेहद सकारात्मक और सुखद बताया। उन्होंने कहा कि इतने वर्षों बाद नीतीश कुमार से मिलना उनके लिए एक स्वाभाविक अनुभव था। क्योंकि, दोनों ने एक साथ लंबे वक्त तक सरकार और संगठन में काम किया है।
जब आर.सी.पी. सिंह से जद(यू.) में उनकी दोबारा वापसी की संभावनाओं को लेकर सीधा सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कोई साफ जवाब न देकर सस्पेंस और बढ़ा दिया। उन्होंने कहा कि वह अभी इस मुलाकात पर ज्यादा कुछ नहीं कहना चाहते और न ही किसी जल्दबाजी में किसी नतीजे पर पहुंचना चाहते हैं। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि आपको थोड़ा इंतजार करना चाहिए। मैं जद(यू.) का कोई छोटा-मोटा नेता नहीं रहा हूं, हम सबने साथियों की तरह मिलकर काम किया है और सभी के साथ मेरे अच्छे संबंध रहे हैं और मेरी बेहतर समझ है। वक्त आने पर सब कुछ खुद-ब-खुद साफ हो जाएगा। नीतीश कुमार पर लगने वाले परिवारवाद के आरोपों पर जवाब देते हुए आर.सी.पी. सिंह ने नीतीश पुत्र राज्य के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार का खुलकर समर्थन किया। उन्होंने कहा कि वह पहले भी कह रहे थे कि निशांत की राजनीति में एंट्री होनी चाहिए। निशांत बहुत अच्छा काम कर रहे हैं और बिहार को इस वक्त उनकी जरूरत है।

पूर्व केंद्रीय मंत्री आर.सी.पी. सिंह ने निशांत कुमार की तारीफ करते हुए आगे कहा कि निशांत कुमार के पास इस समय जो भी विभाग है, उसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि बिहार के आम लोगों को बेहतर से बेहतर हेल्थकेयर सेवाएं मिल सकें। निशांत कुमार पूरी ईमानदारी से इसी दिशा में लगातार काम कर रहे हैं। आर.सी.पी. सिंह के इस बयान के बाद माना जा रहा है कि जद(यू.) और आर.सी.पी. सिंह के बीच की कड़वाहट अब खत्म हो चुकी है और जल्द ही बिहार में कोई नया राजनीतिक समीकरण देखने को मिल सकता है।
बता दें कि, नौकरशाह से राजनेता बने आर.सी.पी. सिंह लंबे समय तक नीतीश कुमार के सबसे भरोसेमंद नेताओं में गिने जाते थे। लेकिन, केंद्र की नमो सरकार में मंत्री बनने के बाद दोनों नेताओं के रिश्तों में दूरी आ गई। बाद में उन्होंने जद(यू.) छोड़ दी। इसके बाद आर.सी.पी. सिंह ने अपनी अलग राजनीतिक पार्टी ’आप सबकी आवाज’ यानी आसा बनाई। लेकिन, बिहार की राजनीति में उन्हें अपेक्षित सफलता नहीं मिली। फिर, देश के चर्चित चुनावी रणनीतिकार रह चुके जन सुराज पार्टी यानी जसुपा के सूत्रधार प्रशांत किशोर के साथ अपनी पार्टी ’आसा’ का विलय कर चले गए। वहां भी उन्हें सफलता नहीं मिली। 18वीं बिहार विधानसभा आम चुनाव के बाद जसुपा से भी किनारा कर लिया। अब पिछले कुछ महीनों से आर.सी.पी. सिंह कई बार सार्वजनिक रूप से कह चुके हैं कि नीतीश कुमार और उनके परिवार से उनके व्यक्तिगत रिश्ते कभी खत्म नहीं हुए हैं। हाल ही में वह पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के एक सार्वजनिक कार्यक्रम में भी नजर आए थे। इसके बाद से ही उनकी जद(यू.) में वापसी की चर्चा चल रही थी। फिलहाल, जद(यू.) और आर.सी.पी. सिंह, दोनों की ओर से वापसी को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। जद(यू.) नेतृत्व भी अब तक इस संभावना से इनकार करता रहा है। हालांकि, शनिवार यानी 27 जून की इस मुलाकात ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। अब आने वाले दिनों में आर.सी.पी. सिंह की राजनीतिक भूमिका क्या होगी, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।









