लखनऊ/फिरोजाबाद – उत्तर प्रदेश के फ़िरोज़ाबाद जिले में मोहर्रम के अवसर पर ताजियों की लंबाई और ऊंचाई की प्रशासनिक जांच की गई। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो और तस्वीरों में एसीपी अनुज चौधरी द्वारा पुलिस बल के साथ फीते से ताजियों की नाप-जोख किए जाने पर आल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड ने आपत्ति जताई है।
इसी मुद्दे पर शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के राष्ट्रीय महासचिव शिया धर्मगुरु मौलाना यासूब अब्बास ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि ताजियों की इस प्रकार नाप-जोख किए जाने से शिया समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई से ताजियों की बेअदबी हुई है ज़िला प्रशासन को मोहर्रम से जुड़े धार्मिक प्रतीकों का सम्मान करना चाहिए।
मौलाना यासूब अब्बास ने उत्तर प्रदेश सरकार से मांग की कि संबंधित पुलिस अधिकारी ACP अनुज चौधरी को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए। मौलाना ने कहा कि “मोहर्रम को किसी भी प्रकार से निशाना बनाना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह रसूल-ए-खुदा (स.अ.व.) के नवासे हज़रत इमाम हुसैन (अ.स.) का ग़म है, जो इंसानियत के सबसे बड़े रहबर हैं। जिन्होंने इंसानियत की हिफ़ाज़त के लिए कर्बला में अपने 72 साथियों और परिवार के साथ शहादत पेश की हर मज़हब के लोग मोहर्रम में हज़रत इमाम हुसैन (अ.स) का ग़म बनाते हैं और ताज़िया दारी करते हैं।
मौलाना ने कहा कि हर जिले के प्रशासन को धार्मिक आयोजनों के प्रति संवेदनशीलता दिखानी चाहिए और ऐसे क़दमों से बचना चाहिए जिनसे किसी समुदाय की आस्था को ठेस पहुंचे। मौलाना यासूब अब्बास ने प्रदेश सरकार से मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग की।










