चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए राजनीतिक दलों के सहयोग की आवश्यकता – उपायुक्त दलविंदरजीत सिंह

( अमृतसर )भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी निर्देशों तथा जिला निर्वाचन अधिकारी-सह-उपायुक्त अमृतसर श्री दलविंदरजीत सिंह के आदेशों के अनुसार स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR)-2026 के तहत विधानसभा क्षेत्र 019-अमृतसर दक्षिणी के विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा नामित बूथ लेवल एजेंटों (BLAs) का प्रशिक्षण आयोजित किया गया।
इस प्रशिक्षण सत्र की अध्यक्षता निर्वाचक रजिस्ट्रेशन अधिकारी-सह-अतिरिक्त आयुक्त श्री जय इंद्र सिंह ने की।
प्रशिक्षण के दौरान BLAs को विशेष गहन पुनरीक्षण 2026 के संपूर्ण कार्यक्रम, निर्वाचन आयोग द्वारा जारी दिशानिर्देशों तथा मतदाता सूचियों की शुद्धता सुनिश्चित करने संबंधी विस्तृत जानकारी दी गई।
उपायुक्त श्री दलविंदरजीत सिंह ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूचियों को अधिक सटीक, पारदर्शी और अद्यतन बनाने के लिए एस.आई.आर. अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान को सफल बनाने में बूथ लेवल एजेंटों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि वे राजनीतिक दलों और निर्वाचन प्रशासन के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करते हैं।

उन्होंने कहा कि 25 जून 2026 से बूथ लेवल अधिकारी (BLOs) घर-घर जाकर मतदाताओं को गणना प्रपत्र वितरित करेंगे। इस दौरान BLAs, BLOs का सहयोग करते हुए यह सुनिश्चित करेंगे कि प्रत्येक पात्र मतदाता तक प्रपत्र पहुंचे तथा मतदाता सूचियों में किसी भी प्रकार की त्रुटि या गलती को समय रहते ठीक किया जा सके।
प्रशिक्षण के दौरान BLAs को गणना प्रपत्र भरने की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई तथा मतदाता पंजीकरण, नाम जोड़ने, संशोधन करने और अन्य चुनावी प्रक्रियाओं संबंधी व्यावहारिक जानकारी भी प्रदान की गई। अधिकारियों ने प्रतिभागियों के प्रश्नों का उत्तर देकर उनकी शंकाओं का समाधान किया।
इस अवसर पर चुनाव कानूनगो श्री राजविंदर सिंह बल्ल और चुनाव प्रभारी श्री संजीव कालिया ने बताया कि BLOs को एस.आई.आर.-2026 से संबंधित किटें वितरित कर दी गई हैं तथा 25 जून से गणना प्रपत्रों के वितरण का कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा।
उपायुक्त श्री दलविंदरजीत सिंह ने सभी राजनीतिक दलों, BLAs तथा आम जनता से अपील की कि वे निर्वाचन आयोग के इस महत्वपूर्ण अभियान में सक्रिय सहयोग दें, ताकि प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में दर्ज हो सके और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को और अधिक सशक्त बनाया जा सके।







