उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय -पूर्व मंत्री ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के अंडमान-निकोबार (ग्रेट निकोबार) संरक्षण अभियान का पूर्ण समर्थन किया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने आज ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट के विरोध में प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में हस्ताक्षर अभियान की शुरूआत की।
अंडमान निकोबार के जंगल और पर्यावरण को बचाने को लेकर आज से उ0प्र0 कांग्रेस कमेटी द्वारा पूरे प्रदेश में जागरूकता और हस्ताक्षर अभियान चलाया जायेगा। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा ग्रेट निकोबार को कार्पोरेट लूट से बचाने एवं आने वाली पीढ़ियों के भविष्य एवं प्रकृति के संरक्षण के अभियान के समर्थन में उ0प्र0 कांग्रेस कमेटी द्वारा हस्ताक्षर अभियान चलाया गया।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने आज कहा कि नेता विपक्ष राहुल गांधी द्वारा अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के ग्रेट निकोबार में प्रस्तावित मेगा प्रोजेक्ट के विरुद्ध उठाया गया सवाल देश की प्राकृतिक धरोहर, पर्यावरण और आदिवासी समुदायों की रक्षा का सवाल है। हम इस अभियान को Green Over Greed (हरियाली बनाम लालच) का अभियान मानते हैं और इसमें उत्तर प्रदेश कांग्रेस पूर्ण रूप से शामिल है।
केंद्र सरकार द्वारा ग्रेट निकोबार द्वीप पर लगभग 92000 करोड़ रुपये की लागत से एक विशाल विकास परियोजना चलाई जा रही है, जिसमें अंतर्राष्ट्रीय ट्रांसशिपमेंट पोर्ट, एयरपोर्ट, पावर प्लांट और टूरिस्ट टाउनशिप शामिल है जबकि देश की सुरक्षा के लिए जरूरी आइ्रएनएस बाज जो एकमात्र तीनों सेनाओं के संयुक्त अड्डा है उसके विस्तार की योजना की स्वीकृति केंद्र सरकार के पास पांच वर्ष से लंबित है। नेवल जेटी की योजना भी पांच वर्ष से लंबित है लेकिन एक पूंजीपति के विकास और प्रकृति के विनाश की योजना तुरन्त स्वीकृति कर दी गयी।
आईएनएस बाज योजना का विस्तार चीन के हिन्द महासागर में गतिविधियों के लिए भी जरूरी है। आईएनएस बाज योजना का विस्तार होगा तो सुरक्षा व्यवस्था का विस्तार होगा जबकि अडानी के होटल और कैसिनो से सुरक्षा को खतरा पैदा होगा।
अजय राय ने कहा कि राहुल गांधी जी की हालिया यात्रा और स्थानीय आदिवासियों (शोम्पेन और निकोबरी समुदाय) तथा सेटलर्स से मुलाकात के बाद यह स्पष्ट हुआ कि यह परियोजना लगभग 1.5 करोड़ पेड़ों की कटाई करेगी, 160 वर्ग किलोमीटर के प्राचीन वर्षा वनों और कोरल रीफ्स को नष्ट करेगी। आदिवासी समुदायों को विस्थापित करेगी और ये सब मुख्य रूप से निजी व्यावसायिक हितों (खासकर एक औद्योगिक घराने) को लाभ पहुंचाने के लिए है।
राहुल गांधी ने इसे “देश की प्राकृतिक और आदिवासी धरोहर के खिलाफ सबसे बड़ा घोटाला और गंभीर अपराध” बताया है। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि “यह विकास नहीं, विकास की आड़ में विनाश है।”
राहुल गांधी जी ने कहा कि उन्होंने ग्रेट निकोबार के उन अद्भुत जंगलों को देखा है जो जीवन में कभी नहीं भूला जा सकता है। विकास के नाम पर इस अनमोल पर्यावरण को नष्ट नहीं होने दिया जाएगा। हम GreenOver Greed चुनते हैं। उन्होंने विश्व पर्यावरण दिवस पर जनता से ऑनलाइन याचिका पर हस्ताक्षर करने की अपील की है।
घोषणा की कि उत्तर प्रदेश के हर जिले में इस मुद्दे के समर्थन में व्यापक हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा। जिला कांग्रेस कमेटियों को निर्देश दिए गए हैं कि ब्लॉक स्तर तक पहुंचकर लोगों, युवाओं, पर्यावरण प्रेमियों, छात्रों और आदिवासी-बहुल क्षेत्रों के लोगों से हस्ताक्षर लिए जाएं।
सभी लोगों द्वारा (rahulgandhi-in@nicobar&matter ) पर ऑनलाइन हस्ताक्षर सुनिश्चित किए जाएं।
“उत्तर प्रदेश की जनता राहुल गांधी के साथ खड़ी है। हम विकास चाहते हैं, लेकिन पर्यावरण और आदिवासियों की कीमत पर नहीं। पूरा उत्तर प्रदेश इस अभियान को मजबूती देगा।” जो बीड़ा उन्होने देशवासियों के लिए उठाया है उसमें हम सभी पूरी ताकत से अपनी भागीदारी सुनिश्चित करेंगे। निकोबार को पूरी तरह से प्रधानमंत्री ने अपने पूंजीपति मित्रों को बेंच दिया है वह ऐसे स्थान को मरूस्थल बनाने जा रहे हैं जो वर्षा वन है और पूरा इको सिस्टम ध्वस्त हो जायेगा इसका दुष्परिणाम एशिया के देशों को झेलना पड़ेगा। आज देश में सिर्फ नेता प्रतिपक्ष श्री राहुल गांधी जी आवाज उठा रहे हैं। उ0प्र0 कांग्रेस का एक एक कार्यकर्ता पूरी ताकत के साथ उनके साथ खड़ा है।






