पंजाब के लुधियाना में डेंगू लारवा मिलने पर अब नहीं मिलेगी प्रॉपर्टी की NOC, पहले भरना होगा चालान

On: November 3, 2026 9:39 AM
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लुधियाना ( नितिन ): महानगर में डेंगू के बढ़ते मामलों पर लगाम लगाने और स्वास्थ्य सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू करने के लिए लुधियाना नगर निगम ने एक ऐतिहासिक और कड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। नगर निगम कमिश्नर की ओर से जारी नए आदेशों के अनुसार, अब डेंगू लारवा मिलने पर कटे चालानों की बकाया राशि का भुगतान किए बिना किसी भी नागरिक को उसकी संपत्ति का टीएस-1 (TS-1 / नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) जारी नहीं किया जाएगा। निगम प्रशासन के इस कड़े कदम से जहां घरों व वाणिज्यिक परिसरों में डेंगू का लारवा फैलाने वाले लापरवाह नागरिकों पर सीधा शिकंजा कसेगा, वहीं वर्षों से अटके चालानों की रिकवरी में भी तेजी आएगी।

प्रॉपर्टी रिकॉर्ड से लिंक होंगे डेंगू चालान, आवेदन करते ही खुलेगी कुंडली

नगर निगम की अमला शाखा द्वारा जारी आधिकारिक पत्र में स्पष्ट आदेश दिए गए हैं कि भविष्य में स्वास्थ्य शाखा द्वारा काटे जाने वाले डेंगू के तमाम चालानों का डेटा सीधे नगर निगम के टीएस-1 और प्रॉपर्टी टैक्स डिजिटल रिकॉर्ड के साथ लिंक किया जाएगा। इस व्यवस्था के लागू होने के बाद, जब भी कोई संपत्ति मालिक अपनी जमीन, मकान या व्यावसायिक प्रतिष्ठान की खरीद-फरोख्त, ट्रांसफर या रजिस्ट्री के लिए टीएस-1 सर्टिफिकेट हेतु आवेदन करेगा, तो संबंधित शाखा सबसे पहले उसके पते और नाम पर डेंगू चालान के रिकॉर्ड की जांच करेगी। यदि आवेदक के खिलाफ स्वास्थ्य शाखा का कोई भी चालान पेंडिंग पाया गया, तो उसका एनओसी (NOC) आवेदन तुरंत होल्ड पर डाल दिया जाएगा। जब तक आवेदक चालान का पूरा जुर्माना निगम के खजाने में जमा नहीं करवा देता, तब तक सर्टिफिकेट जारी करने पर पूर्ण पाबंदी रहेगी।

समस्त जोनल कमिश्नरों व टैक्स सुपरिंटेंडेंट्स को भेजी गईं आदेश की प्रतियां

निगम कमिश्नर द्वारा हस्ताक्षरित इन सख्त आदेशों की प्रतियां नगर निगम के मेयर, सभी जोनल कमिश्नरों, स्वास्थ्य अधिकारियों (MOH) और प्रॉपर्टी टैक्स शाखा के सभी सुपरिंटेंडेंट्स को ईमेल और लिखित रूप में भेज दी गई हैं।अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने जोनों में इस व्यवस्था को युद्धस्तर पर लागू करें। स्वास्थ्य शाखा को यह भी हिदायत दी गई है कि प्रतिदिन काटे जाने वाले चालानों की प्रमाणित सूची तुरंत संबंधित जोनों की प्रॉपर्टी टैक्स शाखा को सौंपी जाए, ताकि रिकॉर्ड को रियल-टाइम में अपडेट रखा जा सके।

लारवा फैलाने वालों पर दोहरा प्रहार, रिकवरी में भी आएगी तेजी

नगर निगम प्रशासन का मानना है कि अमूमन नागरिक स्वास्थ्य विभाग द्वारा काटे गए 500 से 2000 रुपये तक के डेंगू चालानों को गंभीरता से नहीं लेते और नोटिस मिलने के बावजूद जुर्माना राशि जमा नहीं करवाते। चूंकि संपत्ति की खरीद-फरोख्त या ट्रांसफर के लिए टीएस-1 एक अनिवार्य वैधानिक दस्तावेज है, इसलिए इसे चालान से लिंक करने के बाद अब कोई भी डिफाल्टर बच नहीं सकेगा। निगम का मानना है कि इस नीति से दोहरे परिणाम सामने आएंगे—पहला, लोग अपने कूलरों, छतों और गमलों में पानी जमा नहीं होने देंगे जिससे डेंगू का फैलाव थमेगा; और दूसरा, नगर निगम के खजाने में राजस्व की बकाया वसूली शत-प्रतिशत सुनिश्चित होगी।

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