लखनऊ : “कौशल शिक्षा पर राज्य के विद्यालयों के शिक्षकों का क्षेत्र-विशिष्ट क्षमता निर्माण” विषय पर पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आज राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय (आरआरयू), लखनऊ के ट्रांजिट परिसर में शुरू हुआ। इसका आयोजन पीएसएस केंद्रीय व्यावसायिक शिक्षा संस्थान (पीएसएससीआईवीई), भोपाल, मध्य प्रदेश द्वारा किया जा रहा है, जो भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत एनसीईआरटी की एक घटक इकाई है। यह कार्यक्रम गृह मंत्रालय के अधीन संस्थान आरआरयू के सहयोग से आयोजित हो रहा है। समग्र शिक्षा योजना के तहत आयोजित यह कार्यक्रम 30 अक्टूबर 2026 तक चलेगा।
उद्घाटन सत्र में पीएसएससीआईवीई के संयुक्त निदेशक प्रो. दीपक पालीवाल और कार्यक्रम समन्वयक प्रो. पी. वीरैया वर्चुअल माध्यम से जुड़े। आरआरयू लखनऊ परिसर की परिसर निदेशक डॉ. मंजरी चंद्रा और पीएसएससीआईवीई की समन्वयक डॉ. सोनम सिंह व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहीं। इस पांच दिवसीय प्रशिक्षण में राज्य के विभिन्न शहरों से 29 प्रतिभागी शामिल हुए हैं।

कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों को सुरक्षा क्षेत्र को एक करियर क्षेत्र के रूप में समझने में सक्षम बनाना है, ताकि वे विद्यार्थियों को कौशल-आधारित मार्गों की ओर आत्मविश्वास के साथ मार्गदर्शन दे सकें।
प्रशिक्षण में सुरक्षा कार्य के मानवीय पक्ष को भी स्थान दिया गया है, जिसके अंतर्गत तनाव प्रबंधन और भावनात्मक बुद्धिमत्ता पर सत्र आयोजित होंगे। प्रतिभागी अग्नि एवं जीवन सुरक्षा प्रशिक्षण (जिसमें अग्नि सुरक्षा का सजीव प्रदर्शन शामिल है), आपातकालीन प्रतिक्रिया एवं संकट प्रबंधन, तथा चिकित्सकीय आपात प्रतिक्रिया एवं प्राथमिक उपचार के माध्यम से जीवन रक्षक व्यावहारिक कौशल भी सीखेंगे।
डॉ. मंजरी चंद्रा ने कहा कि इस प्रशिक्षण का उद्देश्य कक्षा-शिक्षण को उद्योग की वास्तविक आवश्यकताओं के निकट लाना है, ताकि विद्यालयी विद्यार्थी कौशल-उन्मुख करियर के लिए बेहतर ढंग से तैयार हो सकें।











