पंजाब नितिन : पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस ने अपनी चुनावी तैयारियों को तेज करने के साथ-साथ पार्टी के भीतर अनुशासन बनाए रखने पर भी जोर देना शुरू कर दिया है। कांग्रेस के संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल और पंजाब प्रभारी सचिन पायलट ने चंडीगढ़ में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक कर साफ संदेश दिया कि अब व्यक्तिगत प्रचार के बजाय सामूहिक रूप से चुनाव जीतने पर ध्यान देना होगा। पार्टी में अनुशासनहीनता और भीतरघात किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस मौके पर पंजाब कांग्रेस प्रधान परगट सिंह भी मौजूद थे। वहीं आज हुई कांग्रेस की बैठक दौरान सभी नेता एकजुट नजर आए। सचिन पायलट, वेणुगोपाल, चरणजीत चन्नी व राजा वडिंग सहित सभी नेता एक ही कार में सवार नजर आए।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, बैठक में नेताओं को राहुल गांधी की 4 नवंबर को संगरूर में होने वाली रैली के लिए करीब एक लाख लोगों की भीड़ जुटाने का लक्ष्य दिया गया। इस रैली को पंजाब में कांग्रेस के चुनावी अभियान की शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में अलग-अलग जोन में राहुल गांधी और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की रैलियां और रोड शो आयोजित करने की भी योजना है।
बैठक में पार्टी अनुशासन को लेकर भी सख्त रुख अपनाया गया। वेणुगोपाल और पायलट ने स्पष्ट किया कि पार्टी के भीतर अनुशासनहीनता या चुनाव के दौरान भीतरघात करने वाले किसी भी नेता को बख्शा नहीं जाएगा, भले ही उसका राजनीतिक कद कितना भी बड़ा क्यों न हो। इसके बाद वेणुगोपाल दिल्ली रवाना हो गए।








