पंजाब (नितिन): विधानसभा हलका फिल्लौर के 5 गांवों को नशे के हॉटस्पॉट घोषित किए जाने के बाद आज डी.आई.जी. जालंधर रेंज नवीन सिंगला, एस.एस.पी. जालंधर देहाती हरविंदर सिंह विर्क और डी.एस.पी. फिल्लौर भरत मसीह, डी.एस.पी. मंजीत सिंह पुलिस पार्टी बड़ा पिंड पहुंची। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने गांव की ग्राम पंचायत, गण्यमान्य और गांववासियों के साथ बैठक की। इसके अलावा पुलिस अधिकारियों ने गांव के खेल मैदान का दौरा भी किया।
बैठक के दौरान गांववासियों ने कहा कि बड़ा पिंड खेलों के नाम से जाना जाता है और यहां से कई अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी भी निकले हैं। उन्होंने कहा कि गांव में सी.एच.सी. (कम्युनिटी हैल्थ सैंटर) होने के कारण करीब 82 गांवों के लोग दवाइयां लेने के लिए यहां आते हैं। इनमें वे लोग भी शामिल हैं, जो जीभ के नीचे रखकर ली जाने वाली नशा मुक्ति दवा लेने के लिए यहां पहुंचते हैं।
गांववासियों का कहना है कि इसी डेटा के आधार पर बड़ा पिंड को नशे का हॉटस्पॉट घोषित किया गया है, जिससे गांव की छवि प्रभावित हो रही है। उन्होंने मांग की कि बड़ा पिंड को हॉटस्पॉट की सूची से बाहर किया जाए।
इस मौके पर डीआईजी नवीन सिंगला ने कहा कि कासो ऑपरेशन के तहत पूरे पंजाब में नशे के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत फिल्लौर के पांच गांवों को नशे के हॉटस्पॉट घोषित किया गया था। इनमें बड़ा पिंड, गन्ना पिंड, समराड़ी और सैलकियाना सहित अन्य गांव शामिल हैं। डीआईजी ने कहा कि बड़ा पिंड के ग्रामीणों की ओर से जो आपत्तियां उठाई गई हैं, उनके संबंध में भी बैठक की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस गांव में पुलिस द्वारा नशे से संबंधित 16 एफ.आई.आर. दर्ज की गई हैं।








