नेशनल नितिन : अधिकारियों ने रविवार को बताया कि नागपुर पुलिस ने शहर के एक किराए के फ्लैट से 500 रुपए के नोट जैसे दिखने वाले कागज, एक लैपटॉप, कलर प्रिंटर और अन्य उपकरण जब्त किए हैं। जब्त किए गए सामान की कुल कीमत लगभग 37.83 लाख रुपए आंकी गई है। इस संदिग्ध छपाई गतिविधि के सिलसिले में पुष्पम कृष्ण बंदने (29) के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 178, 180 और 181 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस के अनुसार यह मामला शनिवार को तब सामने आया जब मकान मालिक रमेश गंगाधर हरदे, वाथोडा स्थित ‘थ्री स्टार कोऑपरेटिव सोसाइटी’ के उस फ्लैट पर किराया लेने पहुंचे। बताया जा रहा है कि दो महीने से किराया नहीं दिया गया था। कई बार दरवाजा खटखटाने पर भी कोई जवाब नहीं मिलने पर हरदे ने एक अतिरिक्त चाबी (स्पेयर की) से दरवाजा खोला। वहां उन्हें सोफे पर 500 रुपए के नोट जैसे दिखने वाले कागज बिखरे हुए मिले। इसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी।
पंच गवाहों की मौजूदगी में की गई तलाशी के दौरान पुलिस को ऐसे कागज मिले जिन पर 500 रुपए के नोटों जैसे डिजाइन, प्रतीक और अक्षर छपे हुए थे। कुछ कागजों पर एक तरफ छपाई थी, जबकि कुछ पर दोनों तरफ छपाई की गई थी। इसके अलावा प्लास्टिक में लिपटे हुए ऐसे ही कागजों के बंडल भी मिले। पुलिस ने एक ASUS लैपटॉप, एक EPSON कलर प्रिंटर, दो A4 पेपर कटर, कोरे कागज, अलग-अलग रंगों की स्याही की बोतलें, केबल तार और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं।
पुलिस ने बताया कि जब्त किए गए सामान की कुल कीमत 37,83,600 रुपए है। इसमें लैपटॉप की कीमत 30,000 रुपए, कलर प्रिंटर की कीमत 40,000 रुपए और दो पेपर कटर की कीमत 10,000 रुपए आंकी गई है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि जब्त किए गए कागज असली नोटों की हूबहू नकल (जाली मुद्रा) हैं या फिर इन्हें केवल असली नोटों जैसा दिखाने के लिए छापा गया था। जब्त की गई सामग्री के बताए गए मूल्य को जब्त की गई नकली मुद्रा का मूल्य नहीं माना जाना चाहिए, क्योंकि छपे हुए कागजों की प्रकृति और मात्रा के बारे में अभी तक कोई पक्की जानकारी नहीं मिल पाई है।
पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि ये कागज किस मकसद से छापे गए थे, क्या इन्हें असली मुद्रा के रूप में चलाने की कोशिश की गई थी, और क्या इसमें कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था। फोरेंसिक जांच और संभावित वित्तीय लेन-देन की पड़ताल से मामले की सच्चाई सामने आने की उम्मीद है। वाथोडा पुलिस स्टेशन में इस मामले को अपराध संख्या 553/2026 के तहत दर्ज किया गया है।








