बिहार (अफजल इमाम ’’मुन्ना’’)। बिहार में लगातार भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में आय से अधिक संपत्ति के आरोप में विशेष निगरानी इकाई यानी एसवीयू ने हाल ही में लघु जल संसाधन विभाग के सारण में पोस्टेड सुपरिटेंडेंट इंजीनियर राजेंद्र कुमार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। एसवीयू की अलग-अलग टीमों ने पटना, गया, छपरा, गोपालगंज व मुंबई सहित उनके 6 ठिकानों पर एक साथ छापामारी की। जहां करीब 4 करोड़ रुपये के जमीन और फ्लैट होने की जानकारी मिली है। यह अचल संपत्तियां सुपरिटेंडेंट इंजीनियर की मां सुनैना देवी और पत्नी कंचन कुमारी के नाम पर खरीदी गई हैं। तलाशी के दौरान 1 लाख 96 हजार नकद और 76 लाख रुपये के सोने-चांदी के आभूषण, गाड़ी व महंगी वस्तुओं की खरीदारी से जुड़े बिल बरामद हुए हैं। मुंबई के गोरेगांव पश्चिम स्थित एसबीआई ऑफिसर क्वार्टर में सुपरिटेंडेंट इंजीनियर की बहन सीमा कुमारी के आवास की भी तलाशी ली गई है।
एसवीयू के मुताबिक, सुपरिटेंडेंट इंजीनियर राजेंद्र कुमार वर्ष 2008 में सरकारी सेवा में आए। प्रथमदृष्टया सुपरिटेंडेंट इंजीनियर के पास कुल 3 करोड़ 1 लाख 87 हजार रुपये की आय से अधिक संपत्ति पाई गई है, जो उनके सरकारी वेतन एवं अन्य वैध आय के स्रोत से बहुत अधिक है। आरोप है कि अवैध तरीके से अर्जित धन को बहन, बहनोई और मां के बैंक खातों के जरिये स्थानांतरित कर वैध दिखाने का प्रयास किया गया और इससे पटना के बेउर व चितकोहरा, बिक्रम के बिंदौल, नवादा और मुंबई में अचल संपत्तियां खरीदी गईं। एसवीयू को राजेंद्र कुमार, उनकी पत्नी कंचन कुमारी और मां सुनैना देवी के नाम एसबीआई के 6 खातों के अलावा अन्य बैंकों में खातों की जानकारी भी मिली है। इनमें बड़ी राशि जमा होने की संभावना जताई गई है।

एसवीयू के मुताबिक, आगे और चल-अचल संपत्तियों के दस्तावेज मिलने की संभावना है। सुपरिटेंडेंट इंजीनियर राजेंद्र कुमार की मां सुनैना देवी के नाम पर 10 भूखंड की जानकारी मिली है। इसमें गोपालगंज के सिधवलिया के मुहम्मदपुर थाना अंतर्गत 7 भूखंड, पटना के चितकोहरा में 1 भूखंड, बेउर में दो मंजिला मकान और मुंबई के पास पनवेल में 1 करोड़ 61 लाख रुपये की लागत से खरीदी गई 75 डिसमिल जमीन शामिल है। वहीं, पत्नी कंचन कुमारी के नाम से मुंबई के नेरूल में ड्रीमवुड सोसाइटी में फ्लैट और बिक्रम के बिंदौल में 2 भूखंड शामिल हैं। इसके अलावा कंचन और प्रिंस के संयुक्त नाम से नवादा में भी 2 भूखंड बरामद किए गए हैं। तलाशी में सोनपुर में करीब 18 लाख रुपये के प्लॉट से संबंधित दस्तावेज और एक अन्य प्लॉट की खरीद के लिए 39 लाख रुपये भुगतान की रसीद भी मिली है।
जांच एजेंसी एसवीयू सुपरिटेंडेंट इंजीनियर राजेंद्र कुमार की संपत्ति, बैंक खातों और मिले दस्तावेजों को आपस में जोड़कर मामले की आगे जांच कर रही है। बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार कार्रवाई चल रही है। इसमें बड़े अधिकारी से लेकर कर्मचारी तक शिकंजे में आ रहे हैं।










