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बिहार में बाढ़ के बीच राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव का बड़ा वारः संसद के पुराने वीडियो से एनडीए को घेरा, बोले- बिहार भीख नहीं, अपना हक मांग रहा

On: September 10, 2026 7:42 AM
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बिहार (अफजल इमाम ’’मुन्ना’’)। बिहार के मुख्यमंत्री रह चुके पूर्व केंद्रीय रेल मंत्री व राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने फेसबुक पोस्ट के जरिये बिहार और बिहारियों के लिए अपने पुराने संघर्ष को याद करते हुए संसद का वर्ष 2011 का एक वीडियो साझा किया है। वीडियो में वह बिहार में बाढ़ की विकराल समस्या, नदियों के रखरखाव और राज्य के विकास के लिए केंद्र से वित्तीय सहायता की मांग करते नजर आ रहे हैं। लालू यादव ने मौजूदा बाढ़ की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि बिहार सरकार का खजाना खाली है और राजकोषीय तनाव चरम पर है। इसी बहाने उन्होंने केंद्र और बिहार की एनडीए सरकार पर निशाना साधा है।

राजद सुप्रीमो लालू यादव ने दावा किया कि वर्ष 2004 में राजद के 24 सांसदों के साथ यूपीए-1 सरकार में रेल मंत्री बनने के बाद उन्होंने अपने राजनीतिक प्रभाव से बिहार के लिए 2004-09 के बीच करीब 1.44 लाख करोड़ रुपये की राशि विकास कार्यों के लिए दिलाई। उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी का भी उल्लेख किया। लालू यादव का आरोप है कि इसी पैकेज की राशि से बाद की सरकारों ने बिहार के विकास का श्रेय लिया। उन्होंने कहा कि बिहार के हित में उनकी राजनीति हमेशा सकारात्मक रही है।

लालू यादव ने नेपाल से आने वाली बाढ़ के स्थायी समाधान के लिए नेपाल सरकार से दो टूक बातचीत की मांग की। उन्होंने कहा कि चुनाव और बाढ़ के समय मुफ्तखोरी की घोषणाओं तथा दो किलो अनाज के लालच के बजाय स्थायी समाधान पर कार्य होना चाहिए। उनके मुताबिक, नदियों के रखरखाव पर खर्च होने वाली राशि बिहार को नहीं मिली। उन्होंने महान समाजवादी नेता व पूर्व मुख्यमंत्री स्व.कर्पूरी ठाकुर द्वारा भी इस मुद्दे को उठाए जाने का जिक्र किया। लालू यादव ने बिहार से बड़े पैमाने पर होने वाले पलायन और बाहर कमाने वाले लोगों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि बिहार के लोग देश-विदेश में मेहनत कर कमाई करते हैं और पैसा राज्य में भेजते हैं। लेकिन, उसके अनुपात में उन पर खर्च नहीं होता। उन्होंने कहा कि बिहार भीख नहीं मांग रहा, बल्कि अपने क्रेडिट के अनुरूप पैसा मांग रहा है। साथ ही, उन्होंने राज्य के कम सीडीआर (क्रेडिट-डिपॉजिट रेशियो) पर भी सवाल उठाया और पूछा कि बिहार का साख-जमा अनुपात आज भी इतना कम क्यों है?

लालू यादव ने अपने पोस्ट में कहा कि वर्ष 2011 में केंद्र में यूपीए-2 और बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार थी, फिर भी वह राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बिहार के मुद्दों को लेकर केंद्र से सवाल करते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि आज राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और राज्य की राजधानी पटना दोनों जगह एनडीए की सरकार होने के बावजूद बिहार की समस्याओं को लेकर बहाने बनाय जा रहे हैं। पुराने संसद वीडियो को साझा कर लालू यादव ने एक बार फिर बिहार के हिस्से और बाढ़ के स्थायी समाधान का मुद्दा सियासी बहस के केंद्र में ला दिया है।

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