राष्ट्रीय ( नितिन ) : राजस्थान के अजमेर जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। दरअसल, यहां पर 15 हजार रुपये महीने की कमाई करने वाले दर्जी को इनकम टैक्स विभाग की तरफ से 974.97 करोड़ रुपये का नोटिस जारी कर दिया है। जिसके बाद अजमेर के गोविंदगढ़ में रहने वाले 62 साल के रेखराज ठाड़ा के होश उड़ गए। क्योंकि वह कभी गुजरात गया ही नहीं, वह बाजार में किराये की छोटी सी दुकान पर सिलाई करते हैं। साथ में इंश्योरेंस कंपनी के एजेंट हैं। लेकिन इनकम टैक्स के नोटिस में उनके सामने करीब 975 करोड़ रुपये की टैक्स रिकवरी खड़ी कर दी गई।
इनकम टैक्स विभाग का कहना है कि सूरत की डायमंड कंपनी में उनका नाम डायरेक्टर से जुड़ा हुआ है उन्होंने टैक्स नहीं जमा किया है। वहीं रेखराज का कहना है कि मैं तो जिंदगी में गुजरात तक नहीं गया, रेखराज ने बताया उनकी छोटी सी दुकान सिलाई की है, पार्ट टाईम इंश्योरेंस कंपनी में एजेंट रुप में काम करते हैं। फिर उनके नाम का कैसे इतना बड़ा खेल हो गया।
पीड़ित रेखराज ने मामले की जांच एक CA से कराई और यहीं से कहानी में एक और मोड़ आया। CA ने जांच की तो पता चला कि सूरत की एक और डायमंड कंपनी जय बाबेरी डायम में भी रेखराज का नाम डायरेक्टर के तौर पर दर्ज है। अब रेखराज के सामने सवालों की पूरी लिस्ट थी। एक कंपनी में नाम कैसे पहुंचा? दूसरी कंपनी में भी नाम कैसे पहुंच गया? कंपनियां कौन चला रहा था? और अगर कारोबार उनका नहीं था, तो टैक्स की इतनी बड़ी देनदारी उनके नाम पर कैसे आ गई?
पीड़ित रेखराज का आरोप है कि किसी ने उनके PAN कार्ड का गलत इस्तेमाल किया। उनका कहना है कि उनकी पहचान के दस्तावेजों का इस्तेमाल करके कथित तौर पर फर्जी कंपनियां बनाई गईं और उन्हें उन कंपनियों का डायरेक्टर दिखा दिया गया। अब असली जांच यही है कि रेखराज की आईडी का इस्तेमाल किसने किया। क्या सिर्फ PAN कार्ड की जानकारी इस्तेमाल हुई? क्या दूसरे दस्तावेज भी लगाए गए?कंपनियों के रिकॉर्ड में उनका नाम किस प्रक्रिया से दर्ज हुआ? और इन कंपनियों में आखिर कितने करोड़ का कारोबार हुआ? इन सवालों के जवाब जांच के बाद सामने आएंगे। फिलहाल पीड़ित ने अजमेर SP कार्यालय पहुंचकर एडिशनल SP ग्रामीण से मदद मांगी. पुलिस ने शिकायत दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।







