देशभर में सुबह 6 बजे सरकारी तेल कंपनियां पेट्रोल और डीजल की नई कीमतें जारी करती हैं। आज 18 अगस्त 2026 को पेट्रोल-डीजल की कीमत में हल्का बदलाव देखने को मिला है। Good Returns के अनुसार, दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर के रेट पर बिक रहा है। बड़े शहरों जैसे पुणे, कोलकाता और बैंगलोर में भी पेट्रोल-डीजल के दाम लगभग स्थिर बने हुए हैं। आइए जानते है आपके शहर में आज कितना है पेट्रोल-डीजल का ताजा भाव और कीमत बदलने का कारण भी..
टॉप 10 शहरों में पेट्रोल-डीजल के रेट
| शहर (City) | पेट्रोल (₹/लीटर) | डीजल (₹/लीटर) |
|---|---|---|
| नई दिल्ली (New Delhi) | 102.12 | 95.20 |
| हैदराबाद (Hyderabad) | 115.43 | 103.58 |
| जयपुर (Jaipur) | 113.19 | 98.25 |
| पुणे (Pune) | 111.78 | 98.44 |
| अहमदाबाद (Ahmedabad) | 101.81 | 97.92 |
| लखनऊ (Lucknow) | 102.31 | 95.79 |
| बैंगलोर (Bangalore) | 111.68 | 99.56 |
| नोएडा (Noida) | 101.96 | 95.44 |
| कोलकाता (Kolkata) | 113.51 | 99.82 |
| गुरुग्राम (Gurugram) | 102.97 | 95.64 |
10 शहरों में CNG Rate
| शहर (City) | CNG कीमत (₹/किग्रा) | मूल्य परिवर्तन (₹) |
|---|---|---|
| नई दिल्ली (New Delhi) | ₹83.09 | 0.00 |
| मेरठ (Meerut) | ₹91.50 | 0.00 |
| मथुरा (Mathura) | ₹100.00 | 0.00 |
| बैंगलोर (Bangalore) | ₹97.00 | 0.00 |
| चेन्नई (Chennai) | ₹97.00 | 0.00 |
| फिरोजाबाद (Firozabad) | ₹99.00 | +1.00 |
| एनसीआर (NCR) | ₹83.09 | 0.00 |
| सोनीपत (Sonipat) | ₹94.00 | 0.00 |
| देवास (Dewas) | ₹97.50 | +0.50 |
| भरतपुर (Bharatpur) | ₹97.50 | 0.00 |
कच्चे तेल की कीमत
मध्य-पूर्व में बढ़े तनाव और Strait of Hormuz में सप्लाई बाधित होने की आशंका से कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है।
- Brent Crude: करीब $91.14 प्रति बैरल
- WTI Crude: करीब $85.04 प्रति बैरल
विंडफॉल प्रॉफिट टैक्स किया गया शून्य
सरकार ने 14 अगस्त से पेट्रोल को विदेशों में बेचने पर लगने वाले ‘विंडफॉल टैक्स’ को पूरी तरह खत्म करके शून्य कर दिया है। पहले कंपनियों को इसके लिए 3.5 रुपये प्रति लीटर टैक्स देना पड़ता था। आसान शब्दों में समझें तो जब तेल कंपनियों को अचानक बहुत ज्यादा मुनाफा होने लगता है, तब सरकार उन पर यह खास टैक्स लगाती है।
इसे इस साल मई में इसलिए लगाया गया था ताकि कंपनियां ज्यादा मुनाफे के लालच में सारा तेल विदेश ना भेज दें और हमारे देश में पेट्रोल की कमी न हो। दुनिया भर में तेल की कीमतों को देखते हुए सरकार हर 15 दिन में हालात की जांच करती है और जरूरत के हिसाब से इस टैक्स को घटा या बढ़ा देती है।








