DubaI: सऊदी अरब में उमरा, नौकरी या दूसरे कामों के लिए जाने वाले पाकिस्तानी नागरिकों के लिए बड़ा अलर्ट जारी हुआ है। पाकिस्तान के दूतावास ने साफ चेतावनी दी है कि सऊदी अरब में भीख मांगना अपराध है और ऐसा करने वालों को गिरफ्तारी, जेल, देश निकाला और दोबारा सऊदी आने पर प्रतिबंध तक का सामना करना पड़ सकता है। यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब पाकिस्तानी नागरिकों के भीख मांगने के आरोप में पकड़े जाने की खबरें लगातार सामने आती रही हैं। पाकिस्तानी दूतावास ने एक वीडियो संदेश के जरिए सऊदी अरब जाने वाले अपने नागरिकों से वहां के कानूनों का सख्ती से पालन करने की अपील की है। दूतावास ने कहा कि सऊदी अरब में भीख मांगना आपराधिक कृत्य है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ स्थानीय कानून के तहत कार्रवाई हो सकती है। मामले में गिरफ्तारी, सजा, जेल और डिपोर्टेशन जैसी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
कुछ मामलों में सऊदी अरब में दोबारा प्रवेश पर प्रतिबंध भी लगाया जा सकता है।पाकिस्तानी दूतावास ने केवल भीख मांगने से बचने की सलाह नहीं दी है, बल्कि मक्का और मदीना जाने वाले उमरा यात्रियों को कई अन्य अनधिकृत गतिविधियों से भी दूर रहने को कहा है। इनमें बिना अनुमति व्हीलचेयर सेवा देना, लोगों के बाल काटना या बार्बर की सेवा देना, अनधिकृत तरीके से दान या आर्थिक सहायता बांटना और बिना अनुमति पैसों का लेन-देन शामिल है। दूतावास ने लोगों से यह भी कहा है कि वे दूसरे लोगों को पैसे उधार देने जैसी गतिविधियों में भी सावधानी बरतें। यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब जून 2026 में रियाद में कुछ पाकिस्तानी नागरिकों को कथित तौर पर भीख मांगने के आरोप में पकड़े जाने की खबरें सामने आई थीं। इसके बाद पाकिस्तानी अधिकारियों की ओर से अपने नागरिकों को सऊदी कानूनों का पालन करने और ऐसी गतिविधियों से दूर रहने की सलाह दी जा रही है।
दूतावास ने उमरा यात्रियों से कहा है कि वे हरमैन शरीफैन यानी मक्का और मदीना में अपनी धार्मिक जिम्मेदारियों पर ध्यान दें और ऐसी किसी भी गतिविधि में शामिल न हों जो स्थानीय नियमों का उल्लंघन करती हो। सऊदी अरब धार्मिक स्थलों पर व्यवस्था और नियमों को लेकर बेहद सख्त है। ऐसे में यात्रियों से अपेक्षा की जाती है कि वे स्थानीय कानून और प्रशासनिक निर्देशों का पालन करें। पाकिस्तानी दूतावास ने अपने नागरिकों से विदेश में जिम्मेदार व्यवहार करने की अपील करते हुए कहा कि सऊदी अरब में कानूनों का पालन करना जरूरी है। दूतावास ने चेतावनी दी कि गैरकानूनी गतिविधियों का असर संबंधित व्यक्ति पर तो पड़ता ही है, साथ ही विदेश में पाकिस्तान की छवि पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। यह सलाह केवल उमरा यात्रियों तक सीमित नहीं है। सऊदी अरब में काम करने वाले और दूसरे उद्देश्यों से वहां जाने वाले पाकिस्तानी नागरिकों को भी स्थानीय नियमों का पालन करने को कहा गया है। दूतावास का संदेश साफ है कि सऊदी अरब में रहकर किसी भी तरह की अनधिकृत या गैरकानूनी गतिविधि से बचना जरूरी है, क्योंकि इसका व्यक्तिगत और कानूनी नुकसान गंभीर हो सकता है।









