मनोरंजन नौकरी टेक्नोलॉजी योजना ऑटोमोबाइल व्यापार खेल राजनीति शिक्षा बैंकिंग जीवनशैली अपराध

सवालों के घेरे मे AIR INDIA, अब पायलटो के ड्रग रिपोर्ट ने बढ़ाई टेंशन

On: August 9, 2026 10:29 PM
हमें फॉलो करें:
ad copy

नेशनल ( नितिन ) : फुकेट से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट में करीब 300 फीट की अचानक ऊंचाई कम होने के मामले में अब पायलटों की ड्रग टेस्ट रिपोर्ट को लेकर चर्चा तेज हो गई है। सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि दोनों पायलटों की ड्रग टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। 

घटना के बाद एअर इंडिया की उड़ानों में यात्रियों की सुरक्षा और पायलटों की मेडिकल जांच को लेकर सवाल उठने लगे हैं। रोजाना बड़ी संख्या में यात्री एअर इंडिया की उड़ानों से सफर करते हैं। ऐसे में पायलटों की फिटनेस और उड़ान से पहले होने वाली अनिवार्य जांच की प्रक्रिया को लेकर सवाल महत्वपूर्ण हो गए हैं।

इस घटना ने एक बार फिर एयरलाइन संचालन में सुरक्षा मानकों और पायलटों की फिटनेस जांच को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ऐसी घटनाओं की निष्पक्ष जांच और नियमों के पालन को लेकर पारदर्शिता जरूरी है।

नागरिक उड्डयन मंत्रालय का कहना है कि चार अगस्त को फुकेत-दिल्ली उड़ान के दौरान अचानक ऊंचाई कम होने का शिकार हुए एयर इंडिया के ए320 विमान के पायलट-इन-कमांड (पीआईसी) की स्क्रीनिंग जांच का परिणाम ऐसा आया है जिसकी पुष्टि की जरूरत है। सैंपल एक प्रयोगशाला में भेजे गए हैं और उसकी अंतिम रिपोटर् का इंतजार किया जा रहा है।

मंत्रालय ने कहा कि घटना के बाद मानक संचालन प्रक्रिया के तहत उड़ान चालक दल के सदस्यों का नशीले पदार्थों के सेवन की जांच का परीक्षण किया गया। जांच की प्रक्रिया पूरी होने तक नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने दोनों पायलटों को रोस्टर से हटा दिया है।

नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘चार अगस्त को मेसर्स एयर इंडिया का ए320 विमान वीटी-ईएक्सओ, जो फुकेत से दिल्ली के लिए फ़्लाइट एआई2379 का परिचालन कर रहा था, क्रूज के दौरान अचानक लगभग 300 फीट नीचे आ गया, जिसके बाद विमान स्थिर हो गया और जिसे बाद में दिल्ली में सुरक्षित उतारा गया।’

इसमें कहा गया, ‘इस घटना के दौरान विमान में सवार कुछ यात्रियों और केबिन क्रू सदस्यों को चोटें आईं। विमान में 137 यात्री सवार थे, जिनमें तीन शिशु और आठ क्रू सदस्य (दो पायलट और छह केबिन क्रू) शामिल थे।’ पायलट के परीक्षण पर मंत्रालय ने कहा, ‘ऐसी घटना के बाद मानक संचालन प्रक्रिया के तहत दोनों फ़्लाइट क्रू सदस्यों का तय नशीले पदार्थों के सेवन की जांच का परीक्षण किया गया। पायलट-इन-कमांड (पीआईसी) की स्क्रीनिंग जांच का नतीजा ऐसा आया है जिसके विश्लेषण की जरूरत है।’

व्हाट्सएप से जुड़ें

अभी जुड़ें

टेलीग्राम से जुड़ें

अभी जुड़ें

इंस्टाग्राम से जुड़ें

अभी जुड़ें

Leave a Comment