विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्वैच्छिक रक्तदान को प्रोत्साहित करने तथा लोगों को इस महान कार्य के माध्यम से जीवन बचाने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से एक जागरूकता अभियान आयोजित किया गया।
इस अवसर पर सिविल अस्पताल अमृतसर में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम के दौरान जानकारी देते हुए सिविल सर्जन डॉ. रश्मि विज ने कहा कि रक्तदान मानवता की सबसे बड़ी सेवा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि रक्त की एक यूनिट कई बहुमूल्य जीवन बचाने में सहायक सिद्ध हो सकती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे रक्तदान से संबंधित भ्रांतियों को दूर करें और जरूरतमंद मरीजों की सहायता के लिए आगे आएं।
उन्होंने कहा कि गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों, सड़क दुर्घटनाओं के शिकार लोगों, सर्जरी करवाने वाले व्यक्तियों, प्रसव के दौरान महिलाओं तथा थैलेसीमिया जैसी बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए सुरक्षित रक्त की निरंतर आवश्यकता रहती है। इस आवश्यकता को पूरा करने के लिए प्रत्येक पात्र नागरिक को नियमित रूप से स्वैच्छिक रक्तदान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि 18 से 65 वर्ष की आयु का कोई भी स्वस्थ व्यक्ति रक्तदान कर सकता है।
इस अवसर पर समस्त स्टाफ तथा आम लोगों द्वारा रक्तदान करने संबंधी शपथ ली गई। इसके साथ ही एक नुक्कड़ नाटक तथा जागरूकता रैली के माध्यम से लोगों को रक्तदान के महत्व का संदेश दिया गया।
इस अवसर पर सहायक सिविल सर्जन डॉ. राजिंदर पाल कौर, स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जसपाल सिंह, डिप्टी मेडिकल कमिश्नर डॉ. सरबजीत सिंह, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रीतविन, जिला एम.ई.आई.ओ. अमरदीप सिंह, बी.टी.ओ. डॉ. रेखा राणा, डॉ. वर्ण जोशी, कुलदीप कौर, नीना रामपाल, निमरता सहित समस्त स्टाफ उपस्थित था।










