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माननीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अमृतसर द्वारा केंद्रीय कारागार, अमृतसर का आकस्मिक निरीक्षण

On: July 31, 2026 2:29 AM
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अमृतसर। दिनांक 30.07.2026 को श्रीमती जतिंदर कौर, माननीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश, अमृतसर-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अमृतसर ने श्री अमरदीप सिंह बैंस, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट-सह-सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अमृतसर के साथ केंद्रीय कारागार, अमृतसर का आकस्मिक निरीक्षण किया।

इस निरीक्षण का उद्देश्य कारागार में निरुद्ध बंदियों के कल्याण, स्वास्थ्य एवं रहन-सहन की परिस्थितियों का जायजा लेना तथा यह सुनिश्चित करना था कि उन्हें निरुद्धावस्था के दौरान किसी प्रकार की कठिनाई अथवा शिकायत का सामना न करना पड़ रहा हो।

निरीक्षण के दौरान कारागार अधीक्षक श्री राजीव कुमार अरोड़ा सहित अन्य कारागार अधिकारी उपस्थित रहे। कारागार में उपलब्ध समस्त व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया गया तथा बंदियों के कल्याण के संबंध में जानकारी प्राप्त की गई।

निरीक्षण के दौरान कारागार के लंगर हॉल (रसोईघर) का भी निरीक्षण किया गया। बंदियों के लिए तैयार किए जा रहे भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता एवं भोजन तैयार करने संबंधी व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। कारागार अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि निर्धारित मानकों के अनुरूप बंदियों को स्वच्छ, पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जाए।

ड्यूटी पर तैनात चिकित्सा अधिकारी को तत्काल बुलाकर बंदियों के स्वास्थ्य संबंधी जानकारी प्राप्त की गई। साथ ही, बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सा सुविधाओं एवं स्वास्थ्य सेवाओं की भी समीक्षा की गई।

निरीक्षण के दौरान विशेष सुरक्षा प्रकोष्ठ (स्पेशल सिक्योरिटी सेल), जहाँ कुख्यात एवं उच्च जोखिम वाले बंदियों को रखा जाता है, का भी निरीक्षण किया गया। माननीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश, अमृतसर-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अमृतसर ने विशेष सुरक्षा प्रकोष्ठ में निरुद्ध बंदियों से व्यक्तिगत रूप से संवाद किया तथा उनके कल्याण एवं समग्र स्थिति के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने उनके लंबित न्यायिक मामलों की स्थिति के बारे में भी जानकारी ली तथा यह भी पूछा कि क्या उन्हें अपने विधिक मामलों अथवा अन्य किसी विषय में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। बंदियों द्वारा उठाई गई समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना गया तथा जहाँ आवश्यक पाया गया, वहाँ संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए गए।

माननीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष ने इस बात पर विशेष बल दिया कि सभी बंदियों के स्वास्थ्य, कल्याण, गरिमा एवं विधिक अधिकारों का पूर्ण संरक्षण सुनिश्चित किया जाए तथा उन्हें विधि के अनुसार सभी आवश्यक सुविधाएँ एवं सहायता उपलब्ध कराई जाए।

यह निरीक्षण जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अमृतसर द्वारा निरुद्ध व्यक्तियों को न्याय तक पहुँच, निःशुल्क विधिक सहायता तथा मानवीय व्यवहार सुनिश्चित करने के साथ-साथ उनके कल्याण की सतत निगरानी एवं उनकी वैध शिकायतों के समाधान हेतु किए जा रहे निरंतर प्रयासों का एक हिस्सा था।

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