मनोरंजन नौकरी टेक्नोलॉजी योजना ऑटोमोबाइल व्यापार खेल राजनीति बैंकिंग जीवनशैली

बिहार में कड़ी सुरक्षा के बीच नीट यूजी पुनर्परीक्षा के दौरान लखीसराय के 3 केंद्रों पर पकड़े गए 9 फर्जी अभ्यर्थी, छानबीन जारी

On: June 23, 2026 6:45 PM
हमें फॉलो करें:
ad copy

बिहार (अफजल इमाम ’’मुन्ना’’)। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी एनटीए के द्वारा 21 जून को नीट यूजी पुनर्परीक्षा-2026 का आयोजन किया गया। देश के 551 और विदेश के 14 शहरों में यह परीक्षा आयोजित हुई। जहां इस बार करीब 22.79 लाख अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। इस बार सूबे बिहार के 34 जिलों के 35 शहरों में कुल 331 परीक्षा केंद्रों पर 1,56,061 अभ्यर्थियों ने नीट यूजी परीक्षा में बैठकर अपनी किस्मत आजमाई है। यह परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5.15 बजे तक चली। अभ्यर्थियों को सुबह 11.30 बजे से ही केंद्र में प्रवेश मिलना शुरू हुआ। शांतिपूर्ण एवं कदाचारमुक्त वातावरण में परीक्षा के सफल आयोजन को लेकर राज्य के सभी जिलों में जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। सभी केंद्रों पर सुरक्षा और निगरानी के व्यापक इंतजाम किए गए थे। परीक्षा को निष्पक्ष व पारदर्शी बनाने के लिए सभी केंद्रों पर दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी और पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। सीसीटीवी कैमरों के जरिये लगातार निगरानी रखी गई। इसके अलावा बायोमेट्रिक सत्यापन, फ्रिस्किंग और जैमर की भी व्यवस्था की गई थी। बिहार में पूर्व मध्य रेलवे, हाजीपुर की ओर से पटना, बक्सर, गया, झाझा व दरभंगा रूट पर 6 परीक्षा स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया गया। वहीं, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नीट अभ्यर्थियों के लिए राज्य के सरकारी बसों में फ्री ट्रेवल की व्यवस्था कर रखी थी। लेकिन, नीट यूजी पुनर्परीक्षा के दौरान ही बिहार के लखीसराय में बड़ा खुलासा भी हुआ। जहां तीन परीक्षा केंद्रों पर छापेमारी में ऐसे ’मुन्नाभाई’ पकड़े गए जो मोटी रकम लेकर दूसरे अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा दे रहे थे।

लखीसराय जिले के 3 परीक्षा केंद्रों से 9 फर्जी परीक्षार्थियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि ये लोग मोटी रकम लेकर वास्तविक अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा देने पहुंचे थे। प्रारंभिक जांच में गिरफ्तार लोगों में 2 इंटर्न डॉक्टर, 5 एमबीबीएस छात्र और अन्य स्कॉलर शामिल होने की बात सामने आ रही है। पुलिस इस मामले को बड़े संगठित गिरोह से जोड़कर जांच कर रही है। एनटीए की ओर से आयोजित नीट यूजी पुनर्परीक्षा-2026 के दौरान पुलिस और प्रशासन को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ लोग दूसरे अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा देने वाले हैं। सूचना मिलते ही प्रशासनिक व पुलिस टीम ने विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर छापेमारी की। जांच के दौरान राजकीय उच्च विद्यालय, हसनपुर एवं के.आर.के. हाई स्कूल और किऊल के सेंट्रल स्कूल से 9 लोगों को हिरासत में लिया गया है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपित अभ्यर्थियों से लाखों रुपये लेकर उनकी जगह परीक्षा देने पहुंचे थे। सौदे के तहत आधी रकम पहले ही ली जा चुकी थी। माना जा रहा है कि इस पूरे नेटवर्क में लाइनर, बिचौलिये और मेडिकल छात्र शामिल हैं।। पुलिस अब इस रैकेट के मास्टरमाइंड तक पहुंचने की कोशिश में जुटी है। ऐसा लगता है कि राज्य की राजधानी पटना से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली तक यह नेटवर्क फैला हुआ है। इसकी निष्पक्ष जांच की अवश्यकता है। वैसे, लखीसराय में दबोचे गए आरोपित अभ्यर्थियों से प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि गिरफ्तार किए गए अधिकतर लोग पटना और दिल्ली के मेडिकल कॉलेजों से जुड़े हो सकते हैं। इनमें नालंदा, पटना, मुजफ्फरपुर, गयाजी, भागलपुर, उत्तर प्रदेश और दिल्ली के लोगों के शामिल होने की आशंका जताई जा रही है।

दरअसल, रविवार यानी 21 जून को नीट यूजी पुनर्परीक्षा हुआ। इस दौरान प्रशासन ने लखीसराय के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर छापेमारी कर 9 फर्जी परीक्षार्थियों (स्कॉलर) को गिरफ्तार किया है। जबकि, बायोमेट्रिक सत्यापन से जुड़ी निजी एजेंसी के 7 कर्मियों को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। प्रारंभिक जांच में ये संकेत मिले हैं कि गिरफ्तार लोग असली अभ्यर्थियों के स्थान पर परीक्षा देने पहुंचे थे और इसके लिए मोटी रकम का सौदा किया गया था। लखीसराय जिले के 4 परीक्षा केंद्रों पर कुल 720 अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल होना था, जिनमें 673 उपस्थित और 47 अनुपस्थित रहे। के.आर.के. हाईस्कूल केंद्र से एक, राजकीय हसनपुर हाईस्कूल से एक और किऊल केंद्रीय विद्यालय केंद्र से 7 फर्जी परीक्षार्थियों को गिरफ्तार किया गया। प्रशासनिक कार्रवाई के तहत अब तक 9 फर्जी परीक्षार्थियों को गिरफ्तार किया गया है। साथ ही, दो दर्जन से ज्यादा संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। बताया जा रहा है कि इनमें एक दर्जन से ज्यादा लोग बायोमेट्रिक प्रक्रिया से जुड़े हो सकते हैं। पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में लगी हुई है। जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार और पुलिस अधीक्षक प्रेरणा कुमार ने संयुक्त रूप से गहन जांच के निर्देश दिए हैं। गिरफ्तार आरोपितों से लगातार पूछताछ की जा रही है। ताकि, पूरे सॉल्वर गैंग और इसके सरगना तक पहुंचा जा सके। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई किया जाएगा।

बता दें कि, डॉक्टर बनने का सपना देखने वाले लाखों छात्रों के बीच एक ऐसा काला कारोबार भी सक्रिय है, जो मेहनत नहीं बल्कि पैसे के दम पर मेडिकल कॉलेज का रास्ता खोजता है। लखीसराय में पकड़े गए 9 फर्जी परीक्षार्थियों के मामले ने नीट यूजी परीक्षा में सक्रिय सॉल्वर गैंग के हाईटेक नेटवर्क की परतें खोल दी हैं। सूत्रों के मुताबिक, सॉल्वर गैंग परीक्षा से कई महीने पहले ऐसे अभ्यर्थियों की तलाश शुरू कर देता है जो किसी भी कीमत पर मेडिकल कॉलेज में दाखिला चाहते हैं। आर्थिक रूप से संपन्न परिवारों या कमजोर तैयारी वाले छात्रों को निशाना बनाया जाता है। लाखों रुपये में सौदा तय होने के बाद गैंग पूरी रणनीति पर काम शुरू कर देता है। इस नेटवर्क के पास ऐसे प्रतिभाशाली छात्रों का डाटा रहता है जो पहले नीट जैसी कठिन परीक्षाओं में सफलता हासिल कर चुके होते हैं। इन्हें एक परीक्षा देने के बदले लाखों रुपये का लालच दिया जाता है। ऐसे स्कॉलर असली उम्मीदवार की जगह परीक्षा केंद्र तक पहुंचाए जाते हैं।

जांच में सामने आया है कि पहचान छिपाने के लिए अत्याधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जाता है। असली उम्मीदवार और सॉल्वर की तस्वीरों को डिजिटल सॉफ्टवेयर की मदद से इस तरह तैयार किया जाता है कि दोनों में समानता दिखाई दे। इसके आधार पर एडमिट कार्ड और अन्य पहचान दस्तावेजों में हेरफेर की कोशिश की जाती है। परीक्षा केंद्रों पर फिंगरप्रिंट और फेस वेरिफिकेशन को सुरक्षा की मजबूत कड़ी माना जाता है। हालांकि, जांच एजेंसियों का मानना है कि संगठित गिरोह इन प्रक्रियाओं को प्रभावित करने के लिए कई तरह के अवैध उपाय तलाशते रहते हैं। इसी कारण बायोमेट्रिक सत्यापन से जुड़े कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में रहती है। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी और पुलिस प्रशासन लगातार सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत कर रहे हैं। एआई आधारित फेस रिकग्निशन, डिजिटल सत्यापन और कड़े बायोमेट्रिक प्रोटोकॉल के कारण हर वर्ष कई फर्जी अभ्यर्थी पकड़े जाते हैं। इसके बावजूद तकनीक के साथ अपराधियों के तरीके भी बदल रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के नेटवर्क केवल परीक्षा व्यवस्था ही नहीं, बल्कि ईमानदार छात्रों के भविष्य के लिए भी गंभीर खतरा हैं।

व्हाट्सएप से जुड़ें

अभी जुड़ें

टेलीग्राम से जुड़ें

अभी जुड़ें

इंस्टाग्राम से जुड़ें

अभी जुड़ें

यह भी पढ़ें

एम.एस.एम.ई. इकाइयों के लिए राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली पर जागरूकता सेमिनार आयोजित,शहर के प्रमुख उद्योगपतियों एवं कारोबारियों ने की सहभागिता

लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के लिए नशा मुक्ति अभियान को और तेज किया जाए: उपायुक्त,स्कूलों और कॉलेजों में नशे के खिलाफ जागरूकता शिविर आयोजित करने के निर्देश

जद(यू.) में अब ’निशांत युग’ की शुरुआत, नीतीश कुमार के मंत्री पुत्र संभालेंगे दल की कमान

हम सड़क पर आ गए तो मुकाबला नहीं कर पाएगी एनडीए सरकार’, लालू यादव की दल ने ललकारा  

कुछ दबंग लोग तालाब पट्टा कराकर कब्जा करने के फिराक मेंआक्रोशित ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन

जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण, अमृतसर द्वारा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया,स्वस्थ एवं संतुलित जीवन के लिए योग अपनाने का लिया संकल्प

Leave a Comment