पंजाब सरकार ने किसी स्कूल की फीस बढ़ोतरी को निर्धारित करने के लिए बड़ा फैसला लिया है कैबिनेट ने एक ऑर्डिनेंस को मंजूरी दी है। जिसके तहत अब स्कूल सालाना अधिकतम 5% तक की फीस बढ़ा सकेगा नियमों का उल्लंघन करने पर वाले स्कूलों पर ₹500000 तक का जुर्माना लगाया जाएगा और उनकी मान्यता भी रद्द की जा सकती है।
सरकार का दावा है कि इस फैसले से राज्य के 32 लाख से अधिक स्टूडेंट्स और उनके अभिभावकों को राहत मिलेगी अध्यादेश को मंजूरी के लिए राज्यपाल के पास भेज दिया गया है सरकार ने सारे स्कूलों का डाटा चीज कर दिया है।

नए ऑर्डिनेंस के बारे में आप 9 सवाल जवाब में जानिए क्या है पूरा मामला।
1.सरकार को यह अध्यादेश लाने की जरूरत क्यों पड़ी पिछले कुछ सालों में निजी स्कूलों की फीस बढ़ोतरी को लेकर लगातार शिकायत सामने आ रही थी पेरेंट्स का आरोप था की कई स्कूल हर साल मनमानी ढंग से फीस बढ़ा रहे हैं ऐसे में अब सरकार इस बहाने लोगों से सीधे जुड़ जाएगी।सरकार का कहना है कि पुराने नियमों की कमियों का फायदा उठाकर कई संस्थान जरूरत से ज्यादा फीस वसूल रहे थे इसी को रोकने के लिए नया अत्याधेश लाया गया।
2.अब स्कूल अधिकतम कितनी फीस बढ़ा सकेंगे आपको बता दें नए नियमों के तहत कोई भी गैर सहायता प्राप्त निजी स्कूल 1 साल में 5% से ज्यादा फीस नहीं बढ़ा सकेगा इसके पहले स्कूलों को 8% तक फीस बढ़ाने की अनुमति दी गई थी ।लेकिन कई स्कूल ज्यादा फीस भी बढ़ा देते थे जिसकी शिकायतें प्रशासन तक पहुंचती रहती हैं उदाहरण के तौर पर यदि किसी स्कूल की सालाना फीस 8200 है तो 5% बढ़ोतरी के बाद फीस में 410 रुपए का इजाफा होना चाहिए ऐसे में अगले शैक्षणिक सत्र के लिए कुल फीस 8610 ही हो जाएगी।

3.यह नियम सिर्फ ट्यूशन फीस पर लागू होगा नहीं सरकार के अनुसार यह सीमा केवल ट्यूशन फीस तक सीमित नहीं होगी जबकि स्कूल द्वारा लिए जाने वाले अन्य अनिवार्य शुल्क जैसे बिल्डिंग फंड डेवलपमेंट फंड और वार्षिक शुल्क को भी इसमें शामिल किया जाएगा कुल बढ़ोतरी 5% से अधिक नहीं हो सकेगी।
4.अगर स्कूल को 5% से ज्यादा फीस बढ़ोतरी हो तो क्या करना होगा ऐसे मामलों के लिए सरकार की तरफ एक कमेटी बनाई गई है जिसमें डिजिटल कमिश्नर दो डीग जिला शिक्षा अधिकारी और एक वित्तीय विशेषज्ञ शामिल होंगे फीस बढ़ाने से कम से कम 6 महीने पहले संस्थान को आवेदन देना होगा और यह बताना होगा की फीस बढ़ाने की जरूरत क्यों है उदाहरण के तौर पर स्कूल में ना कोई नई सुविधा शुरू की है नया भवन बनाया है तो उसका पूरा विवरण देना होगा हालांकि स्कूल को आवेदन देने मात्र से फीस बढ़ाने की अनुमति नहीं मिल जाएगी फ़ीस बढ़ेगी या नहीं इसका फैसला कमेटी करेगी कमेटी भी सीधे निर्णय नहीं लगी बल्कि पहले संस्थान का वित्तीय ऑडिट कराया जाएगा ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई और अंतिम फैसला दिया जाएगा।
5.फीस बढ़ाने से पहले पेरेंट्स को सूचित करना जरूरी होगा सरकार ने यह फैसला लिया है कि कई स्कूल 5% से अधिक फीस बढ़ाने जा रहे हैं उसे मंजूरी मिल जाती है तो उसके बाद उसे पेरेंट्स को भी इस बारे में सूचना देनी होगी ताकि समय रहते पेरेंट्स की अपने आपको फीस भरने के लिए तैयार कर पाए उन पर किसी तरह का दबाव न बनाया जाए।
6.क्या पहले वसूली गई अतिरिक्त फीस वापस मिलेगी शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह डांग का कहना है कि जब यह ऑर्डिनेंस लागू हो जाएगा उसे पिछले 36 महीना में किसी स्कूल ने अगर 15 प्रतिशत से अधिक फीस वसूली होगी तो उसे वापस लौटना होगी सरकार इस पूरी प्रक्रिया पर नजर रखेगी।

7.नियम तोड़ने वाले स्कूलों पर क्या होगी कार्रवाई जी हां नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों पर जुर्माना लगाया जाएगा बार-बार उल्लंघन करने पर उनकी मान्यता रद्द की जा सकती है रजिस्ट्रेशन रद्द किया जा सकता है जैसे कार्रवाई भी की जा सकती है इसके लिए तीन क्रांतिकारी तय की गई है और हिसाब से जुर्माना तय किया गया है प्राइमरी तक के स्कूलों के लिए पहली बार नियम तोड़ने पर नियम तोड़ने पर जुर्माना 50000 और दूसरी बार ₹100000 तक क्या-क्या किया गया है जबकि मिडिल क्लास तक के स्कूलों के लिए पहली बार एक लाख व दूसरी बार 3 लाख जुर्माना तय किया है 12वीं कक्षा के स्कूलों के लिए पहली बार 2 लाख और दूसरी बार 5 लख रुपए जुर्माना तय किया गया है इसके बाद मान्यता वापस ले ली जाएगी।
8.यह नियम किन स्कूलों पर लागू होगा राज्य में संचालित सभी गैर सहायता प्राप्त निजी स्कूल इस कानून के दायरे में आएंगे इसमें पीसीबी सीबीएसई आईसीएसई और अन्य बोर्डो से संबंध स्कूल शामिल होंगे।
9.नया नियम कब से लागू होगा कैबिनेट की मंजूरी के बाद अत्याधेस राज्यपाल के पास भेजा गया है राज्यपाल की मंजूरी मिलते ही यह तुरंत पूरे पंजाब में लागू हो जाएगा संभावना है कि दो दिन में इसे मंजूरी मिल सकती है इसके बाद निजी स्कूलों को नए नियम का पालन करना होगा।







