पंजाब (नितिन ) : औद्योगिक नगर फगवाड़ा में कारोबारियों और उनके परिवारों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। शहर के एक प्रमुख प्रॉपर्टी डीलर जो की सत्तापक्ष के एक पार्षद का भाई हैं, से अंतरराष्ट्रीय फोन नंबरों के जरिए 10 करोड़ रुपए की फिरौती मांगने और रकम न देने पर पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी देने का सनसनीखेज मामला सामने आया हैं।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं अंतरराष्ट्रीय नंबरों से आ रही धमकी भरी कॉलस से संबंधित परिवार में डर और दहशत का महौल बना हुआ हैं। त्रासदी यह हैं कि खुद जिला कपूरथला पुलिस से अपने परिवार के लिए निरंतर सुरक्षा की गुहार लगा रहे प्रापर्टी कारोबारी और उसके पार्षद भाई को अभी तक किसी भी प्रकार की कोई पुलिस सुरक्षा मुहैया नहीं करवाई गई हैं? ऐसे में यदि कुछ बड़ा हो जाता हैं तो फिर इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी?
प्रकरण संबंधी पुलिस को बताया गया हैं कि कि 20 से प्रापर्टी कारोबारी तथा उसके भतीजे के मोबाइल फोन पर दो अलग-अलग अंतरराष्ट्रीय नंबरों से लगातार धमकी भरी कॉल आ रहे हैं। फोन करने वाले व्यक्ति ने खुद को ‘कुलवीर सिंह सिद्धू’ बताया हैं और लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े होने का दावा किया है।
आरोप है कि कॉल करने वाले ने 10 करोड़ रुपये की फिरौती की मांग की हैं और साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि यह रकम अदा नहीं की गई तो प्रापर्टी कारोबारी और उसके परिवार के सदस्यों की हत्या कर दी जाएगी। पुलिस को दी गई सूचना के अनुसार धमकियों का यह दायरा सिर्फ फगवाड़ा तक सीमित नहीं रहा हैं बल्कि फतेहगढ़ साहिब जिले के मंडी गोबिंदगढ़ में रहने वाले उनके दामाद को भी फोन कर जान से मारने की धमकियां दी गई हैं। लगातार मिल रही धमकियों से पूरे परिवार में दहशत का माहौल बना हुआ है।
पूर्व में भी सामने आ चुका हैं फिरौती का मामले
गौरतलब है कि कुछ माह पूर्व भी फगवाड़ा क्षेत्र में फिरौती मांगने की एक हाई-प्रोफाइल वारदात सामने आई थी। नवंबर 2025 में दरवेश पिंड स्थित आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता दलजीत सिंह राजू जो मौजूदा में जिला कपूरथला में ‘आप’ के प्रधान हैं के आवास पर हथियारबंद हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियां चलाई थी। उस मामले में भी 5 करोड़ रुपये की फिरौती मांगने का आरोप लगा था। हालांकि पुलिस सूत्रों का कहना हैं कि वर्तमान में दोनों घटनाओं के आपस में जुड़े होने का कोई प्रत्यक्ष सबूत या लिंक नहीं मिला हैं। इसी मध्य पुलिस अधिकारियों के निकट सूत्रों का कहना हैं कि कॉलर की पहचान की जा रही है। उसके द्वारा लॉरैंस बिश्नोई गैंग से संबंध होने के दावों की सत्यता की बारीकी से जांच की जा रही है। पुलिस का दावा हैं कि जल्द ही आरोपियों का पता लगाकर मामले का पर्दाफाश कर दिया जाएगा।








