पंजाब बंद को गुरदासपुर में भारी समर्थन, जिले में बंद रहे बाजार… पसरा सन्नाटा

On: October 15, 2026 2:27 PM
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गुरदासपुर (विनोद/हरजिंदर गोराया): गुरदासपुर में मानसा शहर में एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह की हत्या के विरोध में मानसा मोर्चा के बंद के आह्वान को गुरदासपुर में भारी समर्थन देखने को मिला है। व्यापार मंडल के इस बंद को समर्थन करने के बाद गुरदासपुर में दुकानदारों ने सुबह से ही अपनी दुकानें नहीं खोलीं। फिर भी, कुछ दुकानदार अपनी दुकानें बंद करने को लेकर विरोध कर रहे संगठनों से बहस करते दिखे।

गुरदासपुर शहर में तो बंद का असर देखने को मिला, जबकि शहर के बाहरी ईलाकों में दुकाने खुली देखी गई। दूसरी ओर, वारिस पंजाब संगठन ने परविंदर सिंह छोटा की हत्या के विरोध में शहर में विरोध मार्च निकाला और डाकखाना चौक पर पंजाब सरकार और ड्रग्स का पुतला भी फूंका। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि परविंदर सिंह हत्या केस की गहनता से जांच होनी चाहिए और अगर इसके पीछे कोई साजिश है, तो उसे सार्वजनिक किया जाए। वहीं, शहर में कोई भी अनहोनी न हो, इसके लिए पुलिस ने बड़े इंतजाम किए थे। 

सबसे बड़ी बात यह रही कि शहर में तो रेहड़ी फहड़ी वालों ने भी अपना कारोबार बंद रखा तथा मजबूरी वश बंद का समर्थन किया। कुछ हल्वाई दुकाने भी शहर में खुली थी तथा प्रतिदिन की तरह कामकाज कर रही थी। इस दौरान शहर में जलूस निकाला गया। कुछ संगठनों ने शहर में विरोध जलूस निकाला तथा नारेबाजी की। कुछ संगठनों ने शहर में मोटरसाइकिलों आदि पर जलूस निकाल कर पंजाब सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की तथा सरकार से अस्तीफा देने की मांग की। यह लोग जो दुकाने खुली थी उन्हे बंद करने की अपील करते भी दिखे।

एसएसपी आदित्य स्वंय शहर में नजर रख रहे  

बंद के आहवान तथा कुछ बैंकों को जर्बदस्ती बंद करवाने की घटनाओं के चलते एस.एस.पी. गुरदासपुर स्वंय शहर में निकले। उन्होने तिबड़ी रोड़ पर चल रहे बैंकों संबंधी सारी जानकारी ली तथा कहा कि किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी। उन्होने कहा कि यदि लोग अपनी दुकाने बंद रखते है तो इसके कुछ गल्त नही है। पंरतु किसी को जर्बी दुकाने आदि बंद करवाने की इजाजत नहीं दी जा सकती।

शिक्षा संस्थाए बंद रही 

बंद की काल के चलते गत रात ही सभी प्राईवेट शिक्षा संस्थाओं ने अपनी शिक्षा संस्थाए बंद रखने का निर्णय लेकर छात्रों तथा अघ्यापकों को संदेश भेज दिया था। जिस कारण शहर में सभी शिक्षा संस्थाए बंद रही जबकि बैंकों का कामकाज आम दिनों की तरह हुआ।

क्या कहना है व्यापारियों का 

इस संबंधी शहर के प्रमुख व्यापारियों ने कहा कि पंजाब बंद किसी समस्या तथा विशेष कर नशों के कारोबार पर काबू पाने या हत्याओं को रोक पाने के लिए कौई ठोस हल नही है। त्योहारों के दिन होने के कारण छोटे दुकानदार जो पहले से ही आर्थिक तंगी का शिकार है उन्हे भारी मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है। एक दिन दुकान बंद रहने से दुकानदार को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। सरकार का विरोध करने के कई अन्य रास्ते हैं। पंजाब में जिस तरह से प्रतिदिन किसी न किसी की हत्या हो रही है इस संबंधी पंजाब बंद करने की बजाए केवल सरकार के खिलाफ विरोध किया जाए तथा कारोबार को नुकसान होने से बचाया जाए।

इस दौरान गुरदासपुर, दीनानगर, कलानौर और डेरा बाबा नानक समेत जिले के छोटे-बड़े कस्बों और गांवों के बाजार पूरी तरह बंद रहे। बंद को दुकानदारों, व्यापारियों और आम लोगों का भारी रिस्पॉन्स मिला, वहीं कई प्राइवेट स्कूलों में भी छुट्टियां होने या पढ़ाई बंद होने की वजह से स्टूडेंट्स की भीड़ नहीं दिखी।

गुरदासपुर में भी बंद का पूरा असर

गुरदासपुर शहर में भी पंजाब बंद को भारी रिस्पॉन्स मिला। जरूरी सेवाओं को ध्यान में रखते हुए अस्पताल, मेडिकल स्टोर और डेयरी की दुकानों को छोड़कर सभी बाजार बंद रहे। शहर के मेन मार्केट में दुकानें बंद होने से शांति का माहौल देखा गया। इसी तरह कलानौर और डेरा बाबा नानक समेत दूसरे कस्बों में भी बंद का असर देखा गया।

पुलिस एडमिनिस्ट्रेशन की तरफ से सुरक्षा के इंतजाम

दूसरी तरफ, पंजाब बंद को देखते हुए पुलिस एडमिनिस्ट्रेशन की तरफ से सुरक्षा के इंतजाम किए गए थे, ताकि किसी भी अनहोनी को रोका जा सके और लॉ एंड ऑर्डर बनाए रखा जा सके। सेंसिटिव जगहों और मेन मार्केट में हालात पर नजर रखी गई। कुल मिलाकर, परविंदर झोटा मर्डर केस के विरोध में बुलाए गए पंजाब बंद का गुरदासपुर जिले में बड़ा असर दिखा। मार्केट से लेकर प्राइवेट स्कूलों तक बंद का असर दिखा कि इस मुद्दे को लेकर समाज के अलग-अलग तबकों में विरोध है। दीनानगर में जब कुछ ऑर्गनाइजेशन मेन रोड पर विरोध करने की कोशिश कर रहे थे, तो DSP दीनानगर राजिंदर मिन्हास भारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और विरोध करने वालों से बातचीत की और उन्हें विरोध नहीं करने दिया।

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