लुधियाना (नितिन): करीब 800 करोड़ रुपए खर्च करने के बावजूद बुड्ढे नाले का प्रदूषण का लैवल टारगेट के मुताबिक कम न होने को लेकर अपने इकलौते राज्यसभा सांसद संत सीचेवाल द्वारा सार्वजनिक तौर पर नाराजगी जताने के बाद सरकार हरकत में नजर आ रही है जिसके तहत संबंधित विभागों के अफसरों को तलब कर लिया गया है और इस मुद्दे पर शनिवार को चंडीगढ़ में सी.एम. हाऊस में हाई लैवल मीटिंग होगी
यहां बताना उचित होगा कि संत सीचेवाल ने कुछ दिन पहले बुड्ढे नाले व एस.टी.पी. पर विजिट करने के बाद प्रदूषण की समस्या को लेकर आम आदमी पार्टी के दावों पर सवाल खड़े कर दिए थे।
यहां तक कि उन्होंने नगर निगम, पी.पी.सी.बी. व सीवरेज बोर्ड के अफसरों पर एक-दूसरे के पाले में गेंद डालने की टिप्पणी की और उनकी जिम्मेदारी फिक्स करने की मांग की गई। मिली जानकारी के मुताबिक संत सीचेवाल द्वारा इस बारे में मुख्यमंत्री को मिलकर अपने रुख से वाकिफ करवा दिया गया है जिसके आधार पर मुख्यमंत्री द्वारा शनिवार को चंडीगढ़ में हाई लेवल मीटिंग बुलाई गई है। इस दौरान संबंधित विभागों के अफसरों को बुड्ढे नाले के प्रदूषण की समस्या की स्टेटस रिपोर्ट पेश करने के लिए बोला गया है।
इनकी रहेगी मौजूदगी
– चीफ सैक्रेटरी
-प्रिंसीपल सैक्रेटरी पावर
-प्रिंसिपल सैक्रेटरी साइंस एंड टैक्नोलॉजी
– प्रिंसीपल सैक्रेटरी लोकल बॉडीज
-डी.सी., पुलिस व नगर निगम कमिश्नर
-सी.ई.ओ. पेडा
-मैंबर सैक्रेटरी पी.पी.सी.बी.
संत सीचेवाल ने गोबर की समस्या का उठाया है मुद्दा, नगर निगम डेयरियों पर करेगा सीलिंग की कार्रवाई
हालांकि बुड्ढे नाले के प्रदूषण के लिए वैसे तो डाइंग-इंडस्ट्री के कैमिकल युक्त पानी व कई जगह ट्रीटमैंट के बिना हो रहे सीवरेज के डिस्चार्ज को वजह माना जाता है। इसके साथ ही संत सीचेवाल ने मुख्य रूप से गोबर की समस्या का मुद्दा उठाया है कि ताजपुर रोड व हंबड़ा रोड डेयरी काम्पलैक्स के नजदीक बुड्ढे नाले में सीधे तौर पर गोबर गिर रहा है और सीवरेज के जरिए भी गोबर आने कारण ई.टी.पी. फेल हो गए हैं जिसके मद्देनजर नगर निगम कमिश्नर द्वारा एक दिन पहले ही ओ. एंड एम. सैल के अफसरों के मीटिंग करके गोबर की डिस्पोजल सही तरीके से न करने वाले डेयरी मालिकों पर सीलिंग की कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।






