Punjab मे IPS अधिकारी बन रौब झाड़ता था होमगार्ड जवान, CCTV में कैद हुआ सब, मामला कर देगा हैरान

On: October 25, 2026 4:37 PM
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पंजाब (नितिन): दोराहा में पंजाब होमगार्ड के एक जवान द्वारा कथित तौर पर फर्जी आईपीएस अधिकारी बनकर लोगों पर रौब झाड़ने और ढाबा कर्मचारियों को धमकाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि जवान आईपीएस अधिकारी की वर्दी पहनकर बुलेट मोटरसाइकिल पर जी.टी. रोड स्थित 3 जे ढाबे पर पहुंचा और देर रात तक ढाबा खुला रखने को लेकर कर्मचारियों से विवाद करने लगा। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और उसने कथित तौर पर कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज तथा मारपीट की। घटना के बाद ढाबा परिसर में लोगों की भीड़ जमा हो गई, जिसके बाद आरोपी वहां से चला गया।

मामले की सूचना मिलने पर एसएसपी खन्ना ने घटना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस को जांच कर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए। पुलिस ने ढाबे में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की, जिसके आधार पर संदिग्ध की पहचान गांव चोमो निवासी अमरजीत सिंह के रूप में हुई। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है और उसके कब्जे से आईपीएस अधिकारी की वर्दी भी बरामद किए जाने की जानकारी दी है। दोराहा थाना पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

पंजाब होमगार्ड में तैनात है आरोपी 

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी अमरजीत सिंह गांव चोमो का निवासी है और पंजाब होमगार्ड में जवान के तौर पर तैनात है। बताया गया है कि पहले उसकी ड्यूटी जेल सुरक्षा दल में लगी हुई थी। करीब 20 दिन पहले उसका तबादला सरकारी रेलवे पुलिस में हुआ था, जिसके बाद उसे दोराहा रेलवे पुलिस चौकी में तैनात किया गया था। आरोप है कि अमरजीत सिंह ने कथित तौर पर आईपीएस अधिकारी जैसी वर्दी तैयार करवा रखी थी। वह इस वर्दी को पहनकर इलाके में घूमता था और खुद को वरिष्ठ पुलिस अधिकारी की तरह पेश करके लोगों पर रौब झाड़ता था। हालांकि, पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि वर्दी किसने तैयार की, आरोपी इसका इस्तेमाल कब से कर रहा था और क्या उसने पहले भी इस तरह से खुद को अधिकारी बताकर किसी को धमकाया या प्रभावित करने का प्रयास किया था।

ढाबा देर रात तक खुला रखने को लेकर हुआ विवाद

प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना वाली रात आरोपी बुलेट मोटरसाइकिल पर सवार होकर आईपीएस अधिकारी की वर्दी में जी.टी. रोड स्थित 3 जे ढाबे पर पहुंचा। वहां पहुंचते ही उसने कर्मचारियों से देर रात तक ढाबा खुला रखने को लेकर सवाल-जवाब शुरू कर दिए। आरोप है कि उसने अधिकारी की तरह रौब दिखाते हुए कर्मचारियों को धमकाया। जब कर्मचारियों ने अपनी बात रखने की कोशिश की तो कहासुनी बढ़ गई और विवाद ने उग्र रूप ले लिया। आरोप है कि इसके बाद आरोपी ने कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज की और मारपीट शुरू कर दी। ढाबे पर अचानक हुए हंगामे की आवाज सुनकर आसपास के लोग और वहां से गुजर रहे कुछ वाहन चालक भी मौके पर एकत्र हो गए। लोगों की भीड़ बढ़ती देख आरोपी अपनी बुलेट मोटरसाइकिल लेकर वहां से चला गया। इसके बाद ढाबा प्रबंधन ने पुलिस को घटना की जानकारी दी।

सीसीटीवी फुटेज से सामने आया मामला

शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में बुलेट मोटरसाइकिल पर सवार वर्दी पहने व्यक्ति दिखाई दिया। पुलिस ने फुटेज और अन्य उपलब्ध तथ्यों के आधार पर उसकी पहचान करने की दिशा में जांच आगे बढ़ाई। इसके बाद संदिग्ध की पहचान पंजाब होमगार्ड के जवान अमरजीत सिंह के रूप में की गई। पहचान होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके कब्जे से कथित तौर पर आईपीएस अधिकारी की वर्दी भी बरामद की है। अब जांच के दौरान यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आरोपी ने वर्दी कहां से तैयार करवाई थी, उसका इस्तेमाल किन परिस्थितियों में किया जाता था और क्या इस मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका भी रही है।

पुलिस कर रही मामले के सभी पहलुओं की जांच

पुलिस मामले में ढाबा कर्मचारियों के साथ कथित मारपीट, धमकाने और खुद को आईपीएस अधिकारी के रूप में पेश करने के आरोपों की जांच कर रही है। साथ ही, आरोपी की वास्तविक तैनाती, बरामद वर्दी और घटना से संबंधित अन्य साक्ष्यों की भी पड़ताल की जा रही है। फिलहाल, आरोपी की गिरफ्तारी और वर्दी की बरामदगी के बाद पुलिस ने आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। मामले में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के दौरान ही होगी।

सीबीआई अधिकारी और एसएचओ बनकर धमकी भरे व्हाट्सएप कॉल करने का मामला भी चर्चा में

इससे पहले भी धमकी भरे व्हाट्सएप कॉल करने, एक महिला के प्रति कथित तौर पर अभद्र एवं अश्लील टिप्पणियां करने और खुद को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) का अधिकारी तथा थाना सदर खन्ना का एसएचओ बताकर फोन करने से जुड़ा मामला भी चर्चा में है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि इस संबंध में पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और खन्ना की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. दर्पण आहलूवालिया के संज्ञान में मामला लाए जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। शिकायत में कथित तौर पर पहचान छिपाकर अधिकारियों के नाम का इस्तेमाल करने, धमकियां देने और परिवार की सुरक्षा को लेकर आशंका जताई गई है। शिकायतकर्ता ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच किसी वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी की निगरानी में करवाए जाने की मांग की है। शिकायतकर्ता का कहना है कि कार्रवाई न होने के कारण उन्हें न्याय और सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है।

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