पंजाब (नितिन): लुधिआना साहनेवाल के अधीन पड़ते गांव टिब्बा में विवाहिता गुरमीत कौर की संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटकने के कारण हुई मौत का मामला अब विवादों में घिर गया है। एक तरफ जहां घटनास्थल से बरामद सुसाइड नोट में महिला ने अपनी बीमारी से तंग आकर आत्महत्या करने की बात लिखी है, वहीं दूसरी तरफ मृतका के मायके पक्ष ने ससुरालियों पर प्रताड़ना और सुनियोजित हत्या के बेहद संगीन आरोप लगाए हैं। मृतका के भाई की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए थाना साहनेवाल पुलिस ने त्वरित कानूनी कार्रवाई अमल में लाई है। पुलिस ने मृतका के पति, ननद और सास के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में केस दर्ज कर तफ्तीश शुरू कर दी है।
फैक्ट्री से खाना खाने घर लौटा था पति, कमरे में फंदे से झूलती मिली पत्नी
प्राप्त विवरण के अनुसार, मृतका गुरमीत कौर (32) की शादी गांव टिब्बा निवासी बेअंत सिंह (35) के साथ हुई थी। बेअंत सिंह इलाके की एक स्थानीय फैक्ट्री में काम करता है। घटना वाले दिन बेअंत सिंह दोपहर के समय फैक्ट्री से रोजमर्रा की तरह घर खाना खाने आया था। जैसे ही उसने घर का कमरा खोला, तो उसने अपनी पत्नी गुरमीत कौर को फंदे से लटकते हुए देखा। बेअंत सिंह के शोर मचाने पर आसपास के लोग इकट्ठा हुए और महिला को आनन-फानन में फंदे से नीचे उतारकर तुरंत इलाज के लिए निजी अस्पताल पहुंचाया गया।
सुसाइड नोट बरामद: ‘बीमारी से तंग आकर उठा रही हूं कदम’
घटनास्थल का मुआयना करने पहुंची पुलिस को कमरे से एक कथित सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। सुसाइड नोट में लिखा गया था कि वह अपनी गंभीर बीमारी के चलते अत्यधिक परेशान हो चुकी है और इसी वजह से फंदा लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर रही है। पत्र में यह भी लिखा गया कि इस कदम के लिए किसी भी व्यक्ति या ससुराल पक्ष का कोई कसूर नहीं है। हालांकि पुलिस इस नोट की लिखावट और प्रमाणिकता की वैज्ञानिक व फॉरेंसिक जांच करवा रही है।
भाई का आरोप: जीजा करता था क्लेश, तीनों ने मिलकर उतारा मौत के घाट
दूसरी तरफ, मृतका के भाई देस राज सिंह (निवासी शेरवानी कोट, मालेरकोटला) ने ससुरालियों पर सीधे हत्या का आरोप मढ़ा है। देस राज ने पुलिस को दर्ज करवाए अपने आधिकारिक बयानों में बताया कि शादी के बाद से ही उसका जीजा बेअंत सिंह उसकी छोटी बहन गुरमीत कौर के साथ लगातार छोटी छोटी बातों पर झगड़ा और मानसिक प्रताड़ना करता आ रहा था। ससुराल में आए दिन क्लेश का माहौल रहता था। 22 अक्टूबर को उन्हें फोन पर बहन की हालत बिगड़ने की सूचना मिली। जब परिवार आनन-फानन में राजवंत अस्पताल (दोराहा) पहुंचा, तो वहां गुरमीत कौर दम तोड़ चुकी थी। भाई ने दावा किया कि उनकी बहन आत्महत्या नहीं कर सकती, बल्कि उसके पति, सास और ननद ने मिलकर उसकी जान ली है या उसे ऐसा खौफनाक कदम उठाने पर मजबूर किया है। एएसआई ने बताया कि शव का पोस्टमॉर्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग की जांच करवाने के साथ-साथ पारिवारिक कलह और मेडिकल हिस्ट्री के तमाम पहलुओं की बारीकी से जांच कर रही है ताकि मौत के असली कारणों का खुलासा हो सके। आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।






