नेशनल (नितिन): हिमाचल प्रदेश में कृषि कार्यों के चरम मौसम के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में श्रमिकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए ग्रामीण विकास विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए वीबी जीरामजी योजना के तहत रोजगार कार्यों पर रोक लगाने की विशेष अवधि निर्धारित की है। ग्रामीण विकास विभाग के निदेशक राघव शर्मा द्वारा जारी आदेश के अनुसार, पहले चरण में 17 अक्तूबर से 27 अक्तूबर 2026 तक 11 दिनों के लिए योजना के अंतर्गत रोजगार कार्य नहीं करवाए जाएंगे। इसके अतिरिक्त 7 नवम्बर से 15 नवम्बर तक 9 दिनों की अवधि भी कृषि के चरम मौसम के रूप में निर्धारित की गई है।
इन जिलों पर रोके
विभागीय अधिसूचना के अनुसार, इन अवधियों के दौरान बिलासपुर, चम्बा जिले के भरमौर व पांगी क्षेत्रों को छोड़कर हमीरपुर, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सिरमौर, सोलन और ऊना जिलों में योजना के तहत रोजगार कार्य बंद रहेंगे। यह निर्णय इसलिए लिया गया है, ताकि खेतीबाड़ी के महत्वपूर्ण समय में ग्रामीण श्रमिक कृषि कार्यों के लिए उपलब्ध रह सकें और किसानों को मजदूरों की कमी का सामना न करना पड़े। आदेश में वर्ष 2026-27 के दौरान गैर-जनजातीय जिलों के लिए अन्य अवधियां भी निर्धारित की गई हैं। इनमें 16 अप्रैल से 30 अप्रैल तक 15 दिन, 16 जून से 30 जून तक 15 दिन तथा 21 जनवरी से 30 जनवरी 2027 तक 10 दिन शामिल हैं।
विभाग के अनुसार, इन अवधियों को कृषि के चरम मौसम के मद्देनजर निर्धारित किया गया है, ताकि कृषि गतिविधियों के दौरान श्रमिकों की उपलब्धता बनी रहे। केंद्र सरकार के ग्रामीण विकास विभाग की ओर से कृषि क्षेत्र में श्रमिकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए राज्यों को विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इसी क्रम में हिमाचल प्रदेश सरकार ने भी योजना के अंतर्गत रोजगार कार्यों के लिए निर्धारित अवधि की अधिसूचना जारी की है। खंड विकास अधिकारी प्रागपुर मीना शर्मा ने निदेशालय की ओर से जारी दिशा-निर्देशों की पुष्टि की है।









