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बीपीएससी टीआरई-4 अब एक ही चरण में होगी, गर्दनीबाग आंदोलन समाप्त होने पर 8 बड़े फैसले

On: August 29, 2026 10:24 PM
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बिहार (अफजल इमाम ’’मुन्ना’’)। बिहार में पिछले कई दिनों से भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर राजधानी पटना में गर्दनीबाग से लेकर सड़कों तक उग्र प्रदर्शन कर रहे प्रतियोगी अभ्यर्थियों का आंदोलन अंततः समाप्त हो गया है। शिक्षा विभाग के सचिव की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय वार्ता के दौरान राज्य सरकार ने अभ्यर्थियों की सबसे प्रमुख मांग शिक्षक भर्ती परीक्षा (टीआरई-4) को दो चरणों के बजाए एकल चरण में कराने को स्वीकार कर लिया है। इसके अलावा भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता, समयबद्ध कैलेंडर और जांच को लेकर कई महत्वपूर्ण फैसलों पर सर्वसम्मति बनी। सरकार के इस आश्वासन के बाद छात्र प्रतिनिधिमंडल ने आंदोलन समाप्त करने का सर्वसम्मत निर्णय लिया।

बीपीएससी शिक्षक भर्ती परीक्षा (टीआरई-4) के लिए प्रस्तावित दो-स्तरीय परीक्षा प्रणाली (पीटी एवं मेंस) की योजना को निरस्त कर अब इसे एकल चरण में ही आयोजित किया जाएगा। पदों की बर्बादी रोकने के लिए ’एक अभ्यर्थी, एक परिणाम‘ के सिद्धांत पर नियमानुसार कार्रवाई करने का फैसला किया गया है। परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और गड़बड़ियों की जांच के लिए पटना हाईकोर्ट के वर्तमान या सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक विशेष समिति गठित होगी।

70वीं बीपीएससी परीक्षा की निष्पक्षता और 1799 दारोगा पदों की बहाली प्रक्रिया से जुड़ी शिकायतों की जांच सुधार कमेटी करेगी। दारोगा भर्ती की आगे की प्रक्रिया कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद ही बढ़ेगी। बिहार कर्मचारी चयन आयोग (बीपीएससी) को जल्द से जल्द परीक्षा कैलेंडर जारी करने और तय समय-सीमा के अंदर परीक्षाएं कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, रिक्तियों के अनुरूप पुस्तकालयाध्यक्ष भर्ती शुरू होगी। वहीं, संविदा कर्मियों को अंकों में वेटेज देने की स्थिति में उनके लिए अलग कोटे पर निर्णय हेतु उच्चस्तरीय समिति बनाई जाएगी। भर्ती प्रक्रियाओं में अधिकतम डोमिसाइल नीति लागू करने के मुद्दे पर कानूनी सलाह के आधार पर कदम उठाए जाएंगे। अधिकतम आयु सीमा से जुड़े प्रस्तावों को भी गठित कमेटी के सामने रखा जाएगा। छात्रों की समस्याओं व शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए विद्यार्थी सहयोग पोर्टल और शिविरों की शुरुआत की गई है, जहां 30 दिनों के अंदर समस्याओं के समाधान का दावा किया गया है।

बता दें कि, गर्दनीबाग में आंदोलन कर रहे छात्रों का समर्थन नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने धरनास्थल पर पहुंचकर टीआरई-4 अभ्यर्थियों से मुलाकात की थी। इनकी मांगों का समर्थन एनडीए नेताओं ने भी किया था। वैसे नेताओं में रालोमो सुप्रीमो व राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा और लोजपा (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान आदि शामिल हैं। चिराग पासवान ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात कर गर्दनीबाग में आंदोलन कर रहे छात्रों के मांगों पर विचार करने का आग्रह किया था। उन्होंने बिहार सरकार से छात्रों से बातचीत कर उनकी मांगों को सुनने की अपील की और युवाओं से मित्रवत व्यवहार करने की वकालत की। छात्र नेता दिलीप कुमार ने उनके समर्थन का स्वागत किया। तभी जा कर आंदोलनकारी छात्रों से समझौता के बाद आंदोलन समाप्त हुआ।

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