चंडीगढ़ नितिन : पंजाब की 16वीं विधानसभा का 13वां सत्र आज से शुरू होने जा रहा है। इस सत्र में जनता की समस्याओं, जरूरी विकास कार्यों और नशे के गंभीर मुद्दे पर चर्चा होने की संभावना है। सत्र को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों ने अपनी-अपनी रणनीति तैयार कर ली है। खास बात यह है कि आम आदमी पार्टी सरकार के कार्यकाल के अंतिम विधानसभा सत्रों में शामिल होने के कारण इस बार की कार्यवाही राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
जनता से जुड़ी समस्याओं और जरूरी विकास कार्यों की सूची पहले ही तैयार की जा चुकी है। संबंधित विभागों के मंत्रियों के सामने ये मुद्दे उठाकर कामों की प्रगति की जानकारी ली जाएगी। साथ ही, जरूरी कार्यों को पूरा करने के लिए समयसीमा निर्धारित करने पर जोर दिया जाएगा। इसके जरिए विभिन्न क्षेत्रों की लंबित समस्याओं और विकास योजनाओं को लेकर सरकार की जवाबदेही तय करने का प्रयास किया जाएगा।
सत्र के पहले दिन 4 प्रमुख हस्तियों को श्रद्धांजलि भी दी जाएगी। इनमें पूर्व मंत्री चुन्नी लाल भगत, पूर्व सांसद वीरेंद्र सिंह बाजवा, पूर्व विधायक रणजीत सिंह और प्रसिद्ध डॉक्टर डॉ. रतन लाल मित्तल शामिल हैं। वहीं, नशे का मुद्दा सदन में सबसे ज्यादा राजनीतिक गर्माहट पैदा कर सकता है। पंजाब में नशे की समस्या को लेकर विपक्ष सरकार से जवाब मांग सकता है। नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा का जिक्र भी सदन की चर्चा को महत्वपूर्ण मोड़ दे सकता है। कानून-व्यवस्था, नशे के खिलाफ कार्रवाई और विकास कार्यों की स्थिति जैसे मुद्दे राजनीतिक बहस के केंद्र में रह सकते हैं। ऐसे में विधानसभा सत्र की कार्यवाही पर प्रदेश की जनता और राजनीतिक हलकों की नजरें टिकी रहेंगी।







