पंजाब (नितिन): पंजाब में आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी ढंग से अंकुश लगाने के लिए पुलिस ने पैट्रोल पंप संचालकों को विशेष निर्देश जारी किए हैं। अमृतसर के पुलिस कमिश्नर हरमनबीर सिंह गिल ने कहा कि बिना नंबर प्लेट, नंबर प्लेट हटाकर या नंबर से छेड़छाड़ किए हुए दोपहिया वाहनों में पैट्रोल भरने से पैट्रोल पंप संचालकों को बचना चाहिए। उन्होंने पैट्रोल पंप मालिकों को निर्देश दिया कि वे अपने कर्मचारियों को स्पष्ट रूप से हिदायत दें कि ऐसे वाहनों को पैट्रोल न दिया जाए।
पुलिस कमिश्नर ने कहा कि पुलिस द्वारा विभिन्न आपराधिक घटनाओं की जांच के दौरान सामने आया है कि कई मामलों में गैंगस्टरों तथा अन्य अपराधियों ने वारदातों को अंजाम देने के लिए दोपहिया वाहनों का इस्तेमाल किया। इनमें कई वाहन ऐसे पाए गए जिन पर नंबर प्लेट नहीं लगी थी अथवा नंबर प्लेट के साथ छेड़छाड़ की गई थी। उन्होंने कहा कि अपराध को अंजाम देने के बाद आरोपी अक्सर इन्हीं दोपहिया वाहनों पर फरार हो जाते हैं और रास्ते में पेट्रोल पंपों से ईंधन भरवाते हैं।
हरमनबीर सिंह गिल ने कहा कि पुलिस ने कई आपराधिक घटनाओं से संबंधित पेट्रोल पंपों की सी.सी.टी.वी. फुटेज की जांच की है। फुटेज में ऐसे दोपहिया वाहन दिखाई दिए हैं, जिन पर नंबर प्लेट नहीं थी या नंबर स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं दे रहे थे। ऐसे वाहनों की पहचान करना पुलिस के लिए चुनौती बन सकता है, जबकि पेट्रोल पंपों पर लगे सीसीटीवी कैमरों से अपराधियों की गतिविधियों के बारे में महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं।
उन्होंने कहा कि अपराधियों द्वारा वारदात के बाद पैट्रोल पंप पर रुककर पैट्रोल भरवाने की गतिविधि को भी गंभीरता से लिया जा रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए सभी पैट्रोल पंप संचालकों को अपने कर्मचारियों को सतर्क रहने तथा संदिग्ध दोपहिया वाहनों पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस कमिश्नर ने कहा कि पैट्रोल पंप कर्मचारी किसी भी ऐसे दोपहिया वाहन को लेकर सतर्क रहें, जिसकी नंबर प्लेट गायब हो, नंबर प्लेट टूटी या अस्पष्ट हो अथवा नंबर के साथ किसी प्रकार की छेड़छाड़ की गई हो। उन्होंने कहा कि संदिग्ध परिस्थितियों में वाहन दिखाई देने पर पुलिस को तुरंत सूचित किया जाना चाहिए, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।






