पंजाबवासियों के लिए बड़ी चिंताजनक खबर! फार्मा नशे को लेकर सामने आई बड़ी बात

On: October 19, 2026 1:03 PM
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पंजाब नितन : पंजाब में फार्मा नशे और गैर-कानूनी दवाइयों की बिक्री को लेकर एक अहम खबर सामने आई है, जो राज्य के लोगों के लिए चिंता का विषय है। दरअसल, राज्य में 36,112 रिटेल और थोक दवा विक्रेताओं पर नजर रखने, दवाइयों की गुणवत्ता की जांच करने और प्रतिबंधित दवाइयों की अनधिकृत बिक्री रोकने के लिए केवल 51 ड्रग कंट्रोल अधिकारी तैनात हैं। सीमित स्टाफ के कारण फार्मा नशे पर रोक लगाने को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। यह भी सामने आया है कि पिछले 6 वर्षों के दौरान ड्रग कंट्रोल विभाग में कोई नई भर्ती नहीं हुई है।

अधिकारियों की तैनाती की बात करें तो लुधियाना में 6, अमृतसर में 5, जबकि जालंधर, मोहाली और पटियाला में 4-4 ड्रग कंट्रोल अधिकारी तैनात हैं। दूसरी ओर, फतेहगढ़ साहिब, कपूरथला और पठानकोट जैसे कई जिलों में केवल 1-1 अधिकारी ही काम कर रहा है। हालांकि, 11 क्षेत्रीय लाइसेंसिंग अथॉरिटीज भी निगरानी से जुड़ी हुई हैं, लेकिन अधिकारियों की कमी के कारण नियमित निरीक्षण करना एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। स्टाफ की कमी के बावजूद विभाग ने 1 अप्रैल, 2020 से 30 सितंबर, 2026 के बीच कुल 16,788 छापे मारे।

इस दौरान लाइसेंस प्राप्त और बिना लाइसेंस वाले ठिकानों से 20.64 करोड़ रुपये की दवाइयां जब्त की गईं। हालांकि, जब्त की गई दवाइयों को फार्मा नशे से जुड़ा हुआ नहीं माना जा सकता। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, पंजाब के पूर्व अध्यक्ष डॉ. सुनील कटारिया के अनुसार, सीमित अधिकारियों के लिए हजारों दुकानों का नियमित निरीक्षण करना मुश्किल है। अधिकारियों को निरीक्षण के अलावा अन्य जिम्मेदारियां भी निभानी पड़ती हैं। ऐसे में संयुक्त टीमें बनाकर निगरानी बढ़ाने और प्रतिबंधित दवाइयों की बिक्री के खिलाफ ठोस कार्रवाई करने की जरूरत है।

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